Share via Whatsapp

Showing posts with label सोच-समझ. Show all posts
Showing posts with label सोच-समझ. Show all posts

Feb 11, 2018

फोकस करना क्यों जरुरी है?

ऐसा  क्यों  होता  है  कि  कई बार  सब  कुछ  होते  हुए  भी  हम  वो  नहीं  कर  पाते  जिसको  करने  के  बारे  में   हमने  सोचा  होता  है ….

👉🏻दृढ  निश्चय  किया  होता ……

👉🏻खुद  को  promise किया  होता  है  कि  हमें  ये  काम  करना  ही  करना  है …

👉🏻चाहे  जो  हो  जाए ….!!!

“सब  कुछ  होते  हुए” से  मेरा  मतलब  है  आपके  पास  पर्याप्त  talent, पैसा ,  समय , या  ऐसी  कोई  भी  चीज  जो  उस  काम  को  करने  के  लिए  ज़रूरी  है ;  होने  से  है .

*हम अक्सर मोटिवेटेड हो जाते हैं, फिर कुछ ही दिन में हमारे गुब्बारे की हवा निकल ही जाती है, जो हमारे सपनों की अकाल मृत्यु का कारण बनता है...*

👉🏻तो  आखिर  इसकी वजह  क्या है..?

*वजह  एक ही है....FOCUS.*

👉🏻चूँकि  सपने अपने ही होते है चाहे वो छोटा हो या बड़ा ,उसे पछरा करने की जिम्मेदारी भी उस सपने के मालिक की होती है जिसके लिये पूरी  तरह  से  अपना  ध्यान  केन्द्रित  करना  चाहिए  होता है…..

*पर हम किसी न किसी जाब या बिजनेस में  involve रहते हैं  कि  हम अपने उस सपने पर focus नहीं  कर  पाते हैं …*

*और  सबकुछ  होते  हुए  भी  हम  इसे  सफल  नहीं  बना  पाते हैं*

*यह  एक  शाश्वत  सत्य  है  कि  सम्पूर्ण  ब्रह्माण्ड में  हम  जिस  चीज  पर  ध्यान  केन्द्रित  करते  हैं  उस  चीज  में  आश्चर्यजनक  रूप  से  विस्तार  होता  है .इसलिए  सफल  होने  के  लिए  हमें  अपने  चुने  हुए  लक्ष्य पर  पूरी  तरह  से  focussed होना  होगा ; और  तभी  हम  उसे  हकीकत  बनते  देख  पायेंगे .*

👉🏻फोकस होने का मतलब यह नहीं है कि हम बाकी कामों को छोड़ ही दें , फोकस होने का मतलब है -उस काम को अपनी प्राथमिकता पर रखें और बाकी कामों को दूसरी वारीयता दें...
अगर ऐसा नहीं करेंगे तो हम कभी भी अपने उन सपनों को कभी भी हासिल नहीं कर पायेंगे क्योंकि जाब या बिजनेस तो रोजमर्रा की दिनचर्या है....

*फोकस होने का यह मतलब यह भी है कि हमें उन कामों को करने के लिये किसी से रिमाइंडर की जरूरत न हो, हम अपने आप ही हासिल करने की मेहनत रोजाना करें और मोटिवेशन के लिये किसी बाहरी स्रोत पर निर्भर न हों।*
*👉🏻यह मोटिवेशन हमारे भीतर से ही हो.....*
*👉🏻यही फोकस होना होता है और यही फोकस दुनियाभर में आजतक की सभी सफलताओं का कारण है....*

👉🏻यह आपकी ही जिम्मेदारी है अपने  फोकस को कहाँ रखना है?
👉🏻जहाँ भी रखेंगे, वही हासिल भी होगा.. फोकस मे रहने वाले काम को ही हम तेजी और कुशलता से करते हैं इसी कारण ऐसे काम जल्दी पूरे होते हैं...

👉🏻अतः आप जो भी चाहते हैं ,उसी पर अपना फोकस रखें...
पर केवल दूसरों को दिखाने के लिये दिखावा न करें..

👉🏻बल्कि अपने लिये करें...🙂

👉🏻सफलता का मूलमंत्र यही है....😀
आपका सच्चा शुभाकांक्षी और साथी....
रवीन्द्र भट्ट

Jan 31, 2018

सफलता अचानक या रातों रात नहीं मिलती


*यूं ही कुछ चाहते चाहते , बड़े अरमान जागे निज मन में...*
*मचल उठी बचपन की जिद  हर हाल में उसे पाने की ।।*

*जोश होश में किया कुछ करम ,फिर हुआ वही लाचार आदत , जोश को खो देनी की ।।*

दोस्तों सफलता अचानक या रातों रात नहीं मिलती ,सफलता  के  लिए  कुछ वक्त चाहिये ,कई बार लम्बा  इंतज़ार भी करना होता है.
सफलता पाना सबसे अधिक इस बात पर निर्भर करती है कि आपका फोकस किस बात पर है?
लगने वाले समय पर या मिलने वाली सफलता पर ।
अगर कोई बात निर्धारित समय के बाद बनती है और तब उसकी कोई वैल्यू न रह जाये तो अलग बात है।
अगर आपका फोकस केवल  लगने वाले समय पर ही है तो ज्यादा आंशका सफलता न मिलने की है। क्योंकि ध्यान समय पर है, जैसे जैसे समय गुजरता रहेगा, अंदर से आप विचलित होते जायेंगे और अगर जल्दी ही मन माफिक रिजल्ट न मिले तो आप उस काम को छोड़ भी देंगे ...इसे धीरज की कमी भी कहा जा सकता है..
अगर आपका फोकस सफलता पर ही है तो समय की तरफ न देखें..

कई  बार  लोग  कामयाबी  के  बहुत  करीब  पहुच  कर  हार  मान  लेते  हैं . आपको  ध्यान  देना  होगा  कि  आप  अपने  काम  को  अंजाम  तक  पहुचाएं , किसी  भी  काम  को  करने  में  time तो  लगता  ही  है  और  जब  काम  बड़ा  हो  तो  समय  भी  बड़ा  लगता  है .

Kentucky Fried Chicken (KFC) के founder Colonel Sanders ने जब अपनी business idea के लिए लोगों को convince करना चाहा तो उन्हें हज़ार से भी  अधिक बार ना सुननी पड़ी. वह अपनी कार में एक शहर से दूसरे शहर घूमते रहे और restaurant मालिकों से मिलते रहे , और इस दौरान कई बार उन्हें अपनी कार में ही सोना पड़ता था. पर इतनी ना सुनने के बाद भी उन्हें अपनी चिकन बनाने की secret recipe पर यकीन था और देर से ही सही पर उन्हें सफलता मिली और आज KFC दुनिया भर में एक successful brand के रूप में जाना जाता है.

स्वयं पर और अपनी सही तरीके की मेहनत पर यकीन रखिये....
आपका शुभाकांक्षी....
आपका साथी....
रवींद्र भट्ट

Jan 28, 2018

सीखना तो पड़ेगा.....

सीखना हर इंसान का जन्मजात गुण है , हम सभी मां के पेट में रहने के समय से सीखना शुरु कर देते है और यह प्रक्रिया पूरे जीवनकाल चलती रहती है...

जीवन में हमारी सफलता या असफलता का कारण यही सीखने से पाया हुआ ग्यान होता है।

किसी भी काम की शुरुआत हमारे ग्यान और नया सीखने के हुनर से ही होती है, हम जितना ज्यादा सीखते हैं, उतना ही अधिक हमारा ग्यान बढ़ता है, अधिक से अधिक और सही ग्यान  हमें सफलता की मंजिल तक पहुंचा देता है।

माँ बाप और बड़े बुजुर्गों से मिलने वाला ग्यान हमारे संस्कार बनाता है जो हमारे जीवन का आधार बन जाता है, स्कूली शिक्षा इसे और निखारती है।दुनियादारी का ग्यान इसी से ही होता , रोजाना के हमारे कामकाज, व्यवहार से हमें हमेशा कुछ न कुछ सीखने को ही मिलता है। यही हमारे अनुभवों का आधार बनता है, जीवन और दुनिया के प्रति हमारे द्रष्टिकोण का कारण बनता है....

हमारी भौतिक सफलता  अब हमारी स्कूली शिक्षा पर भी निर्भर हो गयी ।

जितनी ज्यादा और अच्छी स्कूली शिक्षा होगी कैरियर भी उतना बढ़िया होने की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि हर माँ बाप अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा  और ऊंची से ऊँची शिक्षा देना चाहते हैं...

एक बात नोट करने वाली है कि स्कूल में एक कक्षा में कई विद्धार्थी होतें हैं, एक विषय को पढ़ाने वाला एक ही टीचर होता है, एक पीरियड का समय भी समान ही होता है पढ़ाने का तरीका एक भी होता है.. पर क्लास में  पहले स्थान से तीसरे स्थान पाने वाले हर बार लगभग उन्हीं  विद्यार्थियों का नाम आता है...

ऐसा क्यों ? 

ऐसा होने का कारण एक ही है- हमारी सीखने की ईच्छा , ललक और हमारी तैयारी....

विद्धार्थी जीवन में हो सकता है हमें इन बातों का पता नहीं थीं, या किसी ने हमें नहीं बताया हो...

आप  वर्तमान में जो कुछ कर रहे हैं  और उस काम के बारें अगर सीखने की जरूरत है तो.. विद्धार्थी जीवन की वह गलती न दोहरावें,, इसका अंजाम भयानक है, इतना कि इसे आप सही नही कर सकते हैं...

सीखने के लिये आप अपने आपको तैयार कीजिये, सीखने को सर्वोपरि मानिये, सीखने के लिये वक्त निकालिये....।

अगर जीवन में आप कुछ करना चाहते हैं या पाना चाहते हैं तो आपको उस काम के बारें सीखना तो पड़ेगा ही.. 

इसका कोई विकल्प नहीं है..

आपकी सफलता और सुख समृद्धि आपके सीखने पर ही निर्भर है...

आप ही आपके भाग्य विधाता हैंं .. 

आप अपने भाग्य के लिये जितना जिम्मेदार दूसरों को मानते हैं, उससे कई गुना जिम्मेदार आप खुद हैं और यह केवल आपकी सीखने की प्रवृत्ति ही है..

जो आपकी इच्छा पर निर्भर है और यह ईच्छा तो आपकी गुलाम है। आप इसके मालिक हैं... 

देखिये कही ईच्छा या मन आपका मालिक तो नही बन बेठा है... 

ये बड़े खराब मालिक होते हैं, अगर नौकर मलिक बन जाय ,तो अंजाम क्या होगा !

खुद सोच लीजिये...

आप मालिक हैं , तो सही मालिक ही बनिये, नही तो ये इच्छा या मनमौजी स्वभाव आपको कहीं का नहीं छोड़ेगा ...

ईच्छा या मनमौजी स्वभाव को काबू में रखने का केवल एक ही हथियार है- 

सीखना.... सीखना...सीखते रहना....

तो सीखते रहने के लिये हर दम हर वक्त तैयार रहिये...

यही सफल जीवन की पहली सीढ़ी है...

सदैव की भाँति आपका शुभाकांक्षी...

रवीन्द्र भट्ट

Jan 27, 2018

* समय’ और ‘धैर्य’ दो हीरे-मोती हैं *

शुभ प्रभात दोस्तों..।😀🙏

*ख्वाहिश के ढेर पर.बैठे हम, पाना चाहे उसी पल।*
*नही धीरज निज मन में, शार्ट कट ढूंढते हर पल।।*
*जानबूझकर बरगलाते खुद को।*
*समझते अनाड़ी दूजे को ।।*
*कभी देखा है? शाम के बाद बगैर रात हुये सवेरा ।।*
*धीर धरो ऐ मन के मालिक जरा ।।*

*दोस्तों , समय’ और ‘धैर्य’ दो हीरे-मोती हैं जो हर सफलता की कसौटी हैं*

एक साधु था, वह रोज घाट केकिनारे बैठ कर चिल्लाया करता था,-
*"जो चाहोगे सो पाओगे”, “जो चाहोगे सो पाओगे।”*

बहुत से लोग वहाँ से गुजरते थे पर कोई भी उसकी बातपर ध्यान नहीँ देता था और सब उसे एक पागल आदमी समझते थे।

एक दिन एक युवक वहाँ से गुजरा औरउसनेँ उस साधु कीआवाज सुनी,
*“जो चाहोगे सो पाओगे”,जो चाहोगे सो पाओगे।”*,
और आवाज सुनते ही उसके पास चला गया।
उसने साधु से पूछा –
*“महाराज आप बोल रहे थे कि‘जो चाहोगे सो पाओगे’ तो क्या आपमुझको वो दे सकते हो जो मैँ चाहता हूँ?*”

साधु उसकी बात को सुनकर बोला – “हाँ बेटा तुमजो कुछ भी चाहतेंहो मैँ उसे जरुर दुँगा,बस तुम्हे मेरी बात माननी होगी। लेकिन पहले येतो बताओ कि तुम्हे आखिरचाहिये क्या?”
युवक बोला –
*"मेरी एक ही ख्वाहिशहै मैँ हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनना चाहता हूँ।“*

*साधू बोला,“कोई बात नहीँ मैँ तुम्हे एक हीरा औरएक मोती देता हूँ, उससे तुम जितनेभी हीरे मोती बनाना चाहोगे बना पाओगे !”*

*और ऐसा कहते हुए साधु ने अपना हाथ आदमी की हथेली पररखते हुए कहा,“पुत्र, मैं तुम्हे दुनिया का सबसे अनमोल हीरा दे रह हूं, लोग इसे ‘समय’ कहते हैं, इसे तेजी सेअपनी मुट्ठी में पकड़ लो और इसे कभी मत गंवाना, तुमइससे जितनेचाहो उतने हीरे बना सकते हो”*

युवक अभी कुछ सोच ही रहा था कि साधु उसका *दूसरीहथेली, पकड़ते हुए बोला,पुत्र इसे पकड़ो, यह दुनिया कासबसे कीमती मोती है, लोग इसे “धैर्य” कहते हैं, जब कभी समय देने के बावजूद परिणाम ना मिलें तो इस कीमतीमोती को धारण कर लेना, याद रखन जिसके पास यह मोती है, वह दुनिया मेंकुछ भीप्राप्त कर सकता है।*

*👉🏻युवक गम्भीरता से साधु की बातोंपर विचार करता हैऔर निश्चय करता है कि आज से वह कभी अपना समय बर्वाद नहीं करेगा औरहमेशा धैर्य सेकाम लेगा । और ऐसा सोचकर वह हीरों के एक बहुत बड़े व्यापारी के यहाँकाम शुरू करताहै और अपने मेहनत और ईमानदारी के बल पर एक दिन खुद भी हीरों काबहुत बड़ा व्यापारीबनता है।*

*दोस्तों, ‘समय’ और ‘धैर्य’ वह दोहीरे-मोती हैं जिनके बल पर हम बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।*

*अतः ज़रूरी है कि हम अपने कीमती समय को बर्वाद ना करें और अपनी मंज़िल तक पहुँचने के लिए धैर्य से काम लें।*
*आज दुनिया में जितने भी सफल लोग हैं वो कोई भगवान के अवतार नहीं हैं असल में उन्होंने अपने पल-पल (समय) को अपने आपको बनाने में लगाया हैऔर इस काम को उन्होंने बड़े ही ‘धैर्य’ से किया है जिनके बल पर कोई भी बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। *

आपका शुभाकांक्षी....
रवीन्द्र भट्ट

Jan 24, 2018

जीवन कैसा हो?

Good morning friends..😀🙏
हम सभी ही बड़े भाग्यशाली हैं ,जैसे मानव योनी में जन्म मिला है

इस दुनिया में हर इंसान जीने के मौके मिले हैं ,यह उसकी बुद्धि पर निर्भर करता है कि वह अपने जीवन को किस प्रकार के जीवन के रुप में जीना चाहता है। जीवन तीन प्रकार का होता है-

*1- लाइफ आफ नथिंग.Life of Nothing-*
इस प्रकार के लोग इस दुनिया में क्यो आये,  उनके आने से न किसी को खुशी मिलती है न जाने से दुःख....।।सबसे ज्यादा संख्या इनकी ही है धरती पर।

*2- लाइफ आफ समथिंग.life of something..*

जो लोग अपने और अपने परिवार की खुशहाली के लिये कुछ करने मे कामयाब हो जाते हैं,पर सपने पूरे नही कर पाते हैं।ये भी कुछ हद तक कंप्रोमाइज्ड लाइफ ही जीते है।।2-3 पीढिय़ों बाद ये भी भुला दिये जाते हैं...
✨✨✨✨✨✨✨
*3- लाइफ आफ सिग्नीफिकेंश. Life of significance-*

*जो लोग अपने, अपने परिवार के लिये बहुत कुछ करने में कामयाब होते हैं,साथ ही अपने पास पड़ोस, समाज पर बहुत गहरा असर डालने में कामयाब होते हैं, ये ही रोल माडल होते है, इनके ही  सपने पूरे होते हैं, विरासत में ये बहुत अच्छे मानवीय गुण, संपत्ति, मान सम्मान और मधुर यादों का खजाना बनाकर आने वाली कई पीढ़ियों को भी अपने जैसी एक्स्ट्रा ओर्डिनरी लाइफ बना देते हैं*
*वाकई यही लाइफ जीना ही लाइफ है। बाकी प्रकार की लाइफ तो साधारण लाइफ सभी जी रहे हैं।*
✨✨✨✨✨✨✨✨

हम सभी अपनी लाइफ को 100% एक्स्ट्रा ओर्डिनरी बना सकते हैं...यह सीखना पड़ता है, जो सीखने और करम करने के लिये तैयार होगा, वह ऐसी लाइफ बनाने में जरूर कामयाब होगा...

आपका शुभाकांक्षी....
रवीन्द्र भट्ट

Jan 23, 2018

अपने साथ अपने लोगों को लेकर चलें

शुभ प्रभात🙏😀

*अपने साथ अपने लोगों को लेकर चलें*

बहुत  समय  पहले  की  बात  है  एक  विख्यात  ऋषि  गुरुकुल  में  बालकों  को  शिक्षा  प्रदान  किया  करते  थे. उनके गुरुकुल में बड़े-बड़े राजामहाराजाओं के पुत्रों से  लेकर साधारण परिवार के लड़के भीपढ़ा करते थे। वर्षों से शिक्षा प्राप्त कर रहे शिष्यों की शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी और सभी बड़ेउत्साह के साथ अपने अपने घरों को लौटने की तैयारी कर रहे थे कि तभी ऋषिवर की तेज आवाजसभी के कानो में पड़ी,

“आप सभी मैदानमें एकत्रित हो जाएं।“

आदेश सुनते हीशिष्यों ने ऐसा ही किया।

ऋषिवर बोले, “प्रिय  शिष्यों, आज  इस  गुरुकुल  में  आपका  अंतिम  दिन  है. मैं  चाहता  हूँ  कि  यहाँ  से  प्रस्थान  करने  से  पहले  आप  सभी  एक  दौड़  में  हिस्सा  लें. यह  एक  बाधा  दौड़  होगी  और  इसमें  आपको  कहीं  कूदना  तो  कहीं  पानी  में दौड़ना  होगा  और  इसके  आखिरी  हिस्से  में  आपको  एक  अँधेरी  सुरंग  से  भी  गुजरना  पड़ेगा.”

तो  क्या  आप  सब  तैयार  हैं ?”

”हाँ, हम  तैयार  हैं”, शिष्य  एक  स्वर  में  बोले.

दौड़ शुरू  हुई.

सभी  तेजी  से  भागने  लगे. वे  तमाम  बाधाओं  को  पार  करते  हुए अंत  में  सुरंग  के  पास  पहुंचे. वहाँ  बहुत  अँधेरा  था  और  उसमे  जगह जगह  नुकीले  पत्थर  भी  पड़े  थे  जिनके  चुभने  पर  असहनीय  पीड़ा  का  अनुभव  होता  था. सभी  असमंजस  में  पड़  गए, जहाँ  अभी  तक  दौड़  में  सभी  एक  सामान  बर्ताव  कर  रहे थे  वहीँ  अब  सभी  अलग अलग  व्यवहार  करने  लगे ; खैर, सभी ने जैसे-तैसे   दौड़  ख़त्म  की और ऋषिवर के समक्ष एकत्रित हुए।

 “पुत्रों ! मैं देख  रहा  हूँ  कि  कुछ  लोगों  ने  दौड़  बहुत  जल्दी  पूरी  कर  ली  और  कुछ  ने  बहुत अधिक  समय  लिया, भला   ऐसा  क्यों  ?”, ऋषिवर ने प्रश्न किया।

यह सुनकर एक  शिष्य  बोला, “गुरु  जी,
*हम  सभी  लगभग  साथ साथ  ही  दौड़  रहे  थे  पर  सुरंग  में  पहुचते  ही  स्थिति  बदल  गयी. कोई  दुसरे  को  धक्का  देकर  आगे  निकलने  में   लगा  हुआ  था  तो  कोई  संभलसंभल  कर  आगे  बढ़  रहा  था. और  कुछ तो ऐसे  भी  थे  जो  पैरों  में  चुभ  रहे  पत्थरों  को  उठा उठा  कर  अपनी  जेब  में  रख  ले  रहे  थे  ताकि  बाद  में  आने  वाले  लोगों  को  पीड़ा  ना  सहनी  पड़े.* इसलिए सब ने अलग अलग समय में दौड़ पूरी की.”

“ठीक है ! जिन लोगों  ने  पत्थर  उठाये  हैं  वे  आगे  आएं  और  मुझे  वो  पत्थर  दिखाएँ“, ऋषिवर  ने  आदेश  दिया.

आदेश  सुनते  ही  कुछ  शिष्य  सामने  आये  और  पत्थर  निकालने  लगे. पर  ये  क्या  जिन्हे  वे  पत्थर  समझ  रहे  थे  दरअसल  वे  बहुमूल्य  हीरे  थे.  सभी आश्चर्य  में  पड़  गए  और  ऋषिवर  की   तरफ  देखने  लगे.

“मैं  जानता  हूँ  आप  लोग  इन  हीरों  के  देखकर  आश्चर्य  में  पड़  गए  हैं.” ऋषिवर  बोले।

“दरअसल इन्हें मैंने ही उस सुरंग में डाला था,और *यह दूसरों के विषय में सोचने वालेशिष्यों को मेरा इनाम है।"*

*इस दौड़ से हमे यह समझने की जरुरत है कि-*

*आज के युग में यदि हम आगे बढ़ना चाहतें हैं, या हम अपने सपनो को पूरा करना चाहतें हैं तो जरुरी है की हम अपने साथ अपने लोगों को लेकर चलें, क्योंकि यदि हमारे लोग आगे बढ़ेंगे तो हम तो आगेबढ़ेंगे ही *

*यही सोच ही सबको आगे बढ़ने में सबको मदद.करती है सबको आसानी होगी आगे बढ़ने में..*

*जब अधिक से अधिक लोग* *सफल होंगे तो हर व्यक्ति का ही अधिक से अधिक फायदा होगा..*

ऐसा कैसा हो सकता है?*

*जरा आप सोचें तो सही ,, आपको उत्तर अपने आप मिल जायेंगे..*

*यही सार्थक जीवन है ,इसे ही धर्म कहते हैं, धर्म का मूल यही भावना है, सभी मानवीय गुणों का कारण और  परिणाम है... यह बड़ी गंभीरतापूर्वक समझने की जरुरत है...*

आपका शुभाकांक्षी रवीन्द्र भट्ट

Jan 20, 2018

सोचना तो पड़ेगा....

शुभ प्रभात..

आपके लिये दिन की शुभकामनाओं के साथ आज मैं आपसे कुछ खास बात करना चाहता हूँ-
*शायद  ही आपको ध्यान हो कि  मैं आपको रोजाना पोस्ट क्यों भेज रहा हूँ?*

👉🏻ज्यादा उम्मीद इस बात की हैं कि आपके मन में यह बात बैठ गई हो कि , आपको फायदा तो हो न हो पर बार बार पोस्ट भेजने वाले का तो पक्का फायदा है!!!!!
तभी तो मेरे पीछे पड़ा हुआ है!!!

हो सकता है कि इस बात से आपको अपना गर्व  या कीमत या अहम बढ़ता दिखता हो ! या आपको कुछ भी फर्क नही पड़ता हो या आप मुझसे  पीछा छुड़वाना  चाहते हों!!!!
अगर अभी तक आपने मेरी मंशा को भलीभाँति नही समझा हो..

👉🏻मैं आपसे इतना ही कहना चाहता हूँ कि चाहे  आपको मेरी कही गई या लिखी बातों पर यकीन हो या न हो,आप कुछ न कुछ तो सोचते ही होंगे....

*सोचना तो कदम दर कदम पड़ता ही है।*

*यह बड़ी अजीब बात है कि हम जिन बातों से अपना पीछा छुड़वाना चाहते हैं, देर सवेर पाला उन चीजों से ही पड़ता है।।।*

👉🏻जब कुछ न कुछ सोचना ही पड़ता है तो, कुछ ऐसे सोचने में क्या बुराई है ,जो आपको बहुत बड़ा फायदा दे..आपको मनचाही कामयाबी पाने का रास्ता दिखाये, इस प्रक्रिया में सबसे अधिक और सबसे पहले फायदा तो आपको ही हो...दूसरों को हो या ना हो , इससे आपको कोई परवाह नहीं होनी चाहिये...
आपको फायदा मिलने मे कहीं दूसरों को फायदा न हो जाये , अगर ऐसी सोच है तो तब जीना ही मुहाल होगा...

*सोचना ही बड़ी बात है , इससे बड़ी बात तो सही बात , सही तरीकों से सोचना है ।*

*ऐसी ही बेमिसाल सोच का ओडियो आपके लिये लाया हूँ।*

*👉🏻अगर आपने इस आडियोको पूरा सुन लिया तो आपकी सोच और में बहुत बड़ा बदलाव  होगा जो आपको बहुत फायदा देगा...*

👉🏻वैसे भी कुछ न कुछ तो आपको सोचना ही पड़ेगा... इसलिये इस ओडियो को ध्यान से सुनें👍और मुझे भी अवगत करायें.।

ओडियो लिंक:-

SOCHNA TO PADEGA

https://drive.google.com/file/d/0BwjldfRpkWseZ3BtWWpTTUFSbkE/view?usp=drivesdk

 👉🏻सुनना या न सुनना आपका ही फैसला है।। सुनने से बहुत  फायदा आपको ही होना है, न सुनने से इस कमाल की जानकारी को नजरअंदाज करने से नुकसान भी आपका ही होना है। सो सोच समझकर फैसला करना है 

मंगलकामनाओं  के साथ....
रवीन्द्र भट्ट....

Jan 14, 2018

Sharpen the Saw कुल्हाड़ी को तेज करें

*Sharpen the Saw कुल्हाड़ी को तेज करें*

*Sharpen the Saw का मतलब है अपने सबसे बड़ी सम्पत्ति यानि खुद को सुरक्षित रखना.*
इसका अर्थ है अपने लिए एक प्रोग्राम डिजाईन करना जो आपके जीवन के चार क्षेत्रों physical,
social/emotional, mental, and
spiritual में आपका नवीनीकरण करे.

नीचे ऐसी कुछ activities केexample दिए गए हैं:

*Physical / शारीरिक*:
अच्छा खाना, व्यायाम करना, आराम करना
*Social/Emotional*/:
सामजिक/भावनात्मक :औरों के ससाथ सामाजिक और अर्थपूर्ण सम्बन्ध बनाना.
*Mental / मानसिक*:
पढना-लिखना, सीखना , सीखना.

*Spiritual / आध्यात्मिक* :
प्रकृति के साथ समय बीताना , ध्यान करना, सेवा करना.

*आप जैसे -जैसे हर एक क्षेत्र में खुद को सुधारेंगे, आप अपने जीवन में प्रगति और बदलाव लायेंगे.Sharpen the Saw आपको fresh रखता है ताकि आप बाकी की six habits अच्छे से practice कर सकें. ऐसा करने से आप challenges face करने की अपनी क्षमता को बढ़ा लेते हैं.*

बिना ऐसा किये आपका शरीर कमजोर पड़ जाता है , मस्तिष्क बुद्धिरहित हो जाता है, भावनाए ठंडी पड़ जाती हैं,स्वाभाव असंवेदनशील हो जाता है,और इंसान स्वार्थी हो जाता है. और यह एक अच्छी तस्वीर नहीं है, क्यों?...

*आप अच्छा feel करें , ऐसा अपने आप नहीं होता. एक balanced life जीने काअर्थ है खुद कोrenew करने के लिए ज़रूरी वक़्त निकालना.ये सब आपके ऊपरहै .आप खुद को आराम करकेrenew कर सकते हैं. या हर काम अत्यधिक करके खुद को जला सकते हैं . आप खुद को mentallyऔर spiritually प्यार कर सकते हैं , या फिर अपने well-being से बेखबर यूँ ही अपनी ज़िन्दगी बिता सकते हैं.आप अपने अन्दर जीवंत उर्जा का अनुभव कर सकते हैं या फिर टाल-मटोल कर अच्छे स्वास्थ्य और व्यायाम के फायदों को खो सकते हैं.*

*आप खुद को पुनर्जीवित कर सकते हैं और एक नए दिन का स्वागत शांति और सद्भावके साथ कर सकते हैं.या फिर आप उदासी के साथ उठकर दिन को गुजरते देख सकतेहैं. बस इतना याद रखिये कि हर दिन आपको खुद को renew करने का एक नया अवसरदेता है, अवसर देता है खुद को recharge करने का.*

*👉🏻बस ज़रुरत है Desire (इच्छा),Knowledge( ज्ञान)और Skills(कौशल) की.*

*With best wishes...for Your Prosperous Life*
Ravindra bhatt

*ये कैसी जीवन यात्रा है?*

जरा इन बातों पर गौर करें....

*ये कैसी जीवन यात्रा है?*

*असफल होने  से  मेरा  मतलब  है  की  आप  वो  नहीं  कर  पाते  हैं  जो  आप  करना  चाहते  हैं .*
For e.g अपना  कोई  business start करना  चाहते  हैं , एक  prosperous Person,successful  actor, chef , choreographer, fashion designer, social activist  , या  
*फिर  कुछ  और  बनना  चाहते  हैं ; लेकिन बन नहीं पाते*

*और  आगे बढ़ने  से  मेरा  मतलब  है  आप  society की  नज़रों  में grow करते   जाते  हैं ….*
*आप  अच्छी  designation पर पहुँच  जाते  हैं , अपने  लिए  गाड़ी -बंगला  खरीद  लेते  हैं  और  ऐसी  ही अन्य*
*materialistic चीजें  जुटा  लेते  हैं*

*Friends, हममें से  बहुत  से  लोग  किसी  न  किसी  सपने  के  साथ  जीते  हैं  की  हम  आगे  चल  कर  कुछ  बड़ा  करेंगे , कुछ  महान  करेंगे...  पर  किसी  न  किसी  वजह  से  उन  dreams को  postpone करते  जाते  हैं...  और  life जिस  flow में  चल  रही  है  उसी  flow में  आगे  बढ़ते  चले  जाते  हैं ….*

हम  पढाई  पूरी  करते  हैं , किसी  नौकरी  या  business में  लग  जाते  हैं , चाहे  वो  हमारे  मन  का  हो  या  नहीं ….और  फिर  उसी  में  grow करने  लगते  हैं ….
पैसे  कमाने  लगते  हैं , और  जब पैसे  आते  हैं  तो  हम  उन्हें  सही  जगह  invest करने  के  बारे  में  सोचने  लगते  हैं ; as a result कुछ  ही  सालों  में  हमारे  पास  ऐशो  आराम  की  ढेर  सारी चीजें  हो  जाती  हैं . कुछ  हमने  down payment पे  ली  होती  हैं  तो  कुछ  EMI पर . ज़िन्दगी  यूँही  चलती  जाती  है  पर  जब  आप  थोडा  settle हो  जाते  हैं  तो  आप अपनी  life में  एक  void एक  खालीपन  महसूस  करने  लगते  हैं …
*सब  कुछ  होते  हुए  भी  आप  satisfy नहीं  हो  पाते  और  एक  बार  फिर  आपको  लगता  है  की  अपने  दिल  की  सुनी  जाये …अपने  सपनो  का पीछा किया  जाए ;….इतने  दिनों  तक  ignore करने  के  बाद  भी  वो  सपने  मरते  नहीं   क्योंकि  उसका  बीज  आपके  भीतर  ही  कहीं  होता  है , और जब उसे आपका attention मिलता है तो वो फिर से पनपने लगता है ! और आप  एक  बार  फिर  उन  सपनो  को  पूरा  करने  के  लिए  बेचैन हो जाते हैं …ideas  सोचते  हैं* ,

*प्लान  बनाते  हैं ..पर  in most of the cases ये  plans ये  ideas धरे  के धरे  रह  जाते  हैं...*

*क्या आप जानते हो इसका कारण? ऐसा क्यों हुआ और ज्यादातर लोगों के साथ ऐसा होता आ रहा है और ये होता रहेगा???*

*इसका केवल एक ही कारण है- लाइफ डेवलपमेंट कि जानकारी न होना!!!*

*असल मैं इस बारें मैं जानकारी का अभाव है और हर कोई गलती करने और समय हवा नें पर ही इस बारे मे  सोचना शुरू करते हैं और तब पर्याप्त समय होता भी नहीं है ..*

*बगैर समय गवायें इस बात पर गौर करें ....समय ही ऐसी चीज है जो पू री धन दौलत देने के बावजूद कोई भी इसे खरीद नहीं सकता है....*

आपका वेल विशर....
रवीन्द्र भट्ट....

सही शुरुआत कैसे करें । How to start in Right Manner

“एक नयी शुरुआत” – जरूर पढ़ें यह लेख आपकी जिंदगी बदल सकता हैं (Rules of Success) जीवन (Life) में हमारे पास अपने लिए मात्र 3500 दिन (9 वर्ष व 6...