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Dec 30, 2017

दुनिया की सबसे बेहतर Investment की जगह हैं अपना खुद का शरीर"*

*"दुनिया की सबसे बेहतर Investment की जगह हैं अपना खुद का शरीर"*

आज के इस दिखावे और भागदौड़ की जिंदगी मैं अधिकांश लोग ऐसे हैं जो ब्रांडेड कपड़े पहनना चाहते हैं, ब्रांडेड टीवी, मोबाइल, घड़ियां इस्तेमाल करते हैं, अच्छी से अच्छी गाड़ियां खरीदकर उसमें घूमते हैं,
सिर्फ टीवी के विज्ञापन को देखकर चीजों का इस्तेमाल करते हैं, और केवल उस चीज पर खर्च करते हैं जो लोगों को दिखाई देती है और उसके लिए वो उनसे तारीफ़ (झूठी ही सही) की उम्मीद रखते हैं.

*वे, वह सब कुछ करने को तैयार रहते है जो लोगों को दिखाई दे।*
लेकिन अपने शरीर को (जिसके बिना ये सब कुछ नही है) *अच्छा न्यूट्रिशन* देने को पैसे की बर्बादी समझते हैं। अपने शरीर की कीमत को समझते ही नहीं है या समझना ही नही चाहते।
उन्हें लगता है की बीमार हुए तो एक गोली खायी और वो फिट हो गए।
*लेकिन क्या कभी आपने सुना है कि Paracitamol, या डिस्प्रिन या कोई भी दवा ना खा पाने के कारण कभी कोई बीमार हुआ है, कोई नहीं मिलेगा।*
*लेकिन अगर आपके शरीर मैं एक भी न्यूट्रिशन( कोई भी विटामिन/मिनरल/ऑक्सिजन) कि कमी होगी तो उसकी कमी से शरीर मैं कोई भी बीमारी कभी भी हो सकती है।*
*और आज की बीमारी अफोर्टबल नहीं, अगर आप गरीब हैं तो आपका बर्बाद होना तय हैं, और अगर पैसे वाले हैं तो और भी बुरी स्थिती होगी, बीमारी जीने नहीं देगी और पैसा मरने नहीं देगा.*

*याद रहे आप अकेले बीमार नहीं होते, आपके साथ आपका पूरा परिवार बिस्तर पर होता हैं, और कही आप एक मात्र ज़रिया हैं आपके परिवार की आमदनी का तो बहुत ही बुरी स्थिती हो सकती हैं !*

*इसलिए अपना और अपने परिवार के खान पान पर विशेष ध्यान रखे.*

*इंसान के शरीर के हर अंग ( किडनी, लीवर, हार्ट, फेफड़े.....) को काम करने के लिए केवल अच्छे न्यूट्रिशन की ज़रुरत होती है दवाओं की नही, हम इस वजह से बीमार नहीं होते की हमने दवा नहीं खाई, हम इस वजह से बीमार होते हैं कि हमने अच्छा शुध्द और पूर्ण खाना नहीं खाया, और खाना ही दवाई हैं, जब आपका खाना अच्छा, पूर्ण और शुध्द नहीं होगा तो कुछ समय बाद आपको दवा और डॉक्टर कि ज़रूरत पडेगी.  खाना खाना से भी ज्याद ज़रूरी हैं जो आपने खाया कही वो पचने के बजाय खाना सड़ तो नहीं रहा....  खाना पचेगा नहीं तो सडेगा, तब कई बीमारिया जन्म लेगी. जैसे गैस का बनाना, बदहाज्मी, फूँसी आदि !*

आज के समय मे कुछ भी शुध्द नहीं (हवा, पानी और भोजन) और यही वजह हैं हम बीमारी की तरफ़ ना चाहते हुऐ बड़ रहे हैं .

*डॉक्टर भी दवा देने से पहले अच्छा खाने कि सलाह देते हैं . डॉक्टर को पता हैं दवा काम करे या ना करे, एक अच्छा खाना ज़रूर बीमारी से लड़ने मे आपकी मदद करेगा.*

*और सबसे ज़रूरी बात दवा के बारे मे कोई भी दवा अपना काम करे या ना करे, पर हर दवा का मानव शरीर पर बुरा असर (Bad Effect & Side Effect) ज़रूर होता हैं !*

*तभी तो शुगर का मरीज, कभी शुगर की वजह से नहीं मरता, जब भी मरता हैं या तो किडनी फेल वज़ह होती हैं या फिर हार्ट अटैक की वजह से.*

*अगर हम सब अपने शरीर पर अभी से इन्वेस्ट (as Nutrition= पौषक आहार) नहीं करेंगे तो ये बात 100% सत्य हैं कि आने वाले समय मैं हम केवल और केवल कुछ डॉक्टर्स का भला करने जा रहे हैं और बदले मैं हमें तनाव और बर्बादी के अलावा कुछ भी मिलने वाला नहीं है।*

डॉक्टर गलत नहीं हैं, पर अगर आज के डॉक्टर आने वाले कल के *न्यूट्रिश्निस्ट* नहीं बने तो आज के न्यूट्रिश्निस्ट कल के डॉक्टर बन जायेंगे.

*एक बहुत ही मजेदार किंतु सत्य बात*

अगर दवा बीमारी को ठीक करती हैं तो फिर अधिकतर डॉक्टर को बी.पी, शुगर, हार्ट की समस्या क्यो होती हैं; जबकी दवा की कोई कमी नहीं हैं उनके पास.

*अपने शरीर को बेस्ट न्यूट्रिशन देकर हम सब एक हेल्थी लाइफ को एन्जॉय कर सकते है !*
*क्योंकि*

*"पहला सुख निरोगी काया,*
*दूजा सुख जेब में हो माया"*

*True Prosperous Life*

Ravindra Bhatt 📞9891773879

Oct 16, 2015

बेसिक्स ऑफ़ हैल्थ


हर इंसान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए  और बढ़ती महगांई को क़ाबू करने में पूरी जिंदगी लगा रहता है । कब स्वास्थ्य बिगड़ा , कब बीमारियों ने घेरा -इसका पता होने तक काफी वक्त निकल जाता है।
जिन दो चीज़ो (अच्छा  स्वास्थ   और    अच्छी आमदनी )  
पर पूरी जिंदगी की बुनियाद खड़ी है उन्ही के बारे में हमें किसी स्कूल ,कालेज में नहीं पढ़ाया गया। अगर पढ़ाया तो बस एक पाठ केवल।
बाकी विषयों के पुरे पीरियड वो भी पुरे पुरे सब्जेक्ट के साथ,भले ही उनकी  हमारी जिंदगी में कोई या उतनी जरुरत नहीं है फिर भी पढ़ना होता है। यही बात हमारे बच्चों के साथ भी हो रहा है।
जब अच्छे स्वास्थ के बारे में स्कूल -कालेज में नहीं पढ़ाया जाता तो क्या माता- पिता को इनके बारे में सब कुछ मालूम है।
हमारी गलती नहीं है ये तो बस एक नाकामयाब सिस्टम का एक उदाहरण है जिसको हमारे निति नियंताओं ने बनाया है जो हमारे लिए केवल प्रतीक भर है। हमें ही अपने और अपने  परिवार के लिए जूझना है। याद करिये जब आप या आपके बच्चे की तबियत खराब हुयी थी तो तब आप कितने परेशान हुए थे। दुबारा ऐसा वक्त न आये इसके लिए आप हमेशा प्रार्थना भी करते होंगे। जरूर कीजिये ,प्रार्थना में बड़ी शक्ती होती है।
भगवान् की कृपा हमेशा बनी रहे आप पर।
क्या आप चाहेंगे स्वास्थ्य संबंधी बेसिक जानकारी जो बहुत जरूरी है और जिसके बारे मे हमें पूरा पता नहीं है। इस जानकारी से न केवल आप अपने और अपने परिवार के सम्पूर्ण स्वास्थ्य को सही रख सकते हैं बल्कि आप अपने बच्चों को सबसे अनमोल ज्ञान भी दे सकते हैं ।

अगर किसी को कोई भेंट देनी हो  तो सर्वश्रेष्ठ भेंट दे - अच्छे स्वास्थ् की।

बेसिक जानकारी जो हर व्यक्ति को होनी चाहिए-
जैसा की आप जानते हैं की हमारा शरीर बड़ा जटिल है और इसे कोई समझना नहीं चाहता न ही समझ सकता है इस प्रकार की सोच ही हमें अच्छे स्वस्थ शरीर के मालिक  बनने से रोक देती हैं ।इसको बड़े आसान तरीके से समझ सकते हैं-
हमारा शरीर हड्डी , मांस और खून से बना है पर ये तीनो चीजे भी किसी और चीज से बनी होंगी ?
हमारे शरीर में करीब 63 ट्रिलियन से 100 ट्रिलियन कोशिकाएँ है ,ये ही हमारे शरीर की सबसे छोटी इकाई है ।
कुछ खास तरीके  की कोशिकाओं  या cells से एक खास प्रकार के  ऊतक या tissue बनते हैं और इन खास टिश्यू या उतकों से कोई खास अंग या ऑर्गन बनता है। इस प्रकार बहुत से अंगों या ओर्गन्स से शरीर का सिस्टम बनता है और इसी ऑर्गन सिस्टम से शरीर बनता है।
ये अलग अलग अंग अपना अपना खास काम करते हैं ।एक अंग दूसरे अंग का काम नहीं कर सकता है और
इन अंगों को काम करने के लिए ऊर्जा चाहिए ।ये ऊर्जा या एनेर्जी  मिलती है हमें भोजन , पानी और हवा यानी ऑक्सिजन से। पर ये तीनो शुद्ध यानी बगैर मिलावट की चाहिए।

क्या आपको लगता है की तीनो चीजे शुद्ध हैं ?

तीनो चीजे अब प्रदूषित हो चुकी हैं ये अब कोई रहस्य नहीं है।
ये प्रदुषण जो हमारे भोजन ,पानी और हवा में मिला हुआ है जिसको फ्री रेडिकल या ऑक्सीडेंट के नाम से जानते हैं ,शरीर में जाकर cell को डेमेज कर देता है और कमजोर cell अपने काम अब पूरी शक्ति से नहीं कर पाता जिससे उन cell से  बना टिश्यू भी कमजोर होकर अपने अंग को भी कमजोर कर देता है।
कमजोर अंग भी अपने काम भी शक्ती से नहीं कर सकता और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो जाती है।
इन सब cell को अपने ऊर्जा के लिए पौष्टिक तत्व चाहिए होते हैं ,जिसके लिए पौष्टिक भोजन खाने की सलाह दे जाती है ।
हमारे शरीर को रोजाना 46 प्रकार के पैष्टिक तत्व चाहिए होते हैं।
बहुत ही कम  लोंगों ही को इनके बारे पूरा पता होता है की हमें ये 46 पैष्टिक तत्व बिटामिन ,खनिज,प्रोटीन ,वसा , कारबोहाईड्रेट्स,फाइबर और पानी के रूप में मिलते हैं।ये सारे हमारे भोजन में रोजाना चाहिए और उचित मात्रा में भी ये भी हमें मालूम है की कितनी मात्रा मे ये सभी हमारे भोजन में शामिल हैं ।जबकि सच्चाई तो ये की हम अपने प्रतिदिन के भोजन में इन पौष्टिक तत्वों की जगह स्वाद को पसंद करते हैं ।
इन प्रदूषित भोजन ,पानी ,हवाऔर  पौष्टिक तत्वों की कमी के कारण ही 99% स्वास्थ की समस्याये होती है।
ये तो आप जानते है की प्रदूषित भोजन ,हवा और पानी पर हमारा तो कंट्रोल रहा ही नही बल्की government का भी कॉंट्रोल नहीं रहा है ।

अब आप ये भी जान ले की ये प्रदुषण -फ्री रेडिकल या ओक्सिदेंट्स जो हमारे भोजन ,पानी और हवा में जा रहा है ,ये हमारे cell को डिस्टर्ब करके उसी प्रकार नष्ट कर देते हैं जैसे जंग लोहे को।
जिस प्रकार लोहे को जंग से बचने की लिए पेंट  काम करता है ठीक उसी प्रकार इन फ्री रेडिकल ये ओक्सिदेंट्स को निष्प्रभावी करने के लिए प्रकृति ने अपने आप सिस्टम बना रखा है एंटी ओक्सिदेंट्स के रूप में जो हमारे भोजन , हवा और पानी में मिलते हैं । ये एंटी ऑक्सीडेंट जितने ज्यादा हमारे भोजन में होंगे उतने ही कम  हमारे शरीर पर इन फ्री रेडिकल्स के असर होंगे ।
इसीलिए तो आपके डॉक्टर आपको भोजन में वेरायटी बढ़ाने के लिए कहते हैं।
आपके भोजन में जतनी  ज्यादा वेरायटी होगी आप उतने ही ज्यादा सक्षम होंगे इन फ्री रेडिकल्स से मुकाबला करने में यानी आपका शरीर पहलवान जैसा ताकतवर होगा जिससे उलझने में कोई भी पसंद नहीं करेगा।
आप न केवल  छोटी मोटी बीमारियों से बचे रहेंगे बल्कि बड़ी गंभीर बीमारियों से  सुरक्षित रहेंगे ।
अब बात आती है एंटी ऑक्सीडेंट की दैनिक मात्रा की।
आप जानते है की हमारे  दैनिक भोजन पानी हवा में एंटी ओक्सिडेंट्स होते ही हैं पर प्रदूषित होने के कारण एंटी ओक्सिदेंट्स की मात्रा कम हो जाती है और साथ ही साथ जरुरत के एंटी ओक्सिदेंट्स भी नहीं मिल पाते। इस प्रकार शरीर में फ्री रेडिकल की मात्रा ज्यादा यानी ताकतवर और उनको हराने वाले  एंटी ओक्सिदेंट्स की मात्रा कम रहती है। जिसके कारण हम अक्सर बीमार पड़ते हैं ।
भोजन पानी हवा में शामिल  फ्री रेडिकल्स से हम  बच् नहीं सकते है । बस एक ही तरीका है  उचित मात्रा में एंटी ओक्सिदेंट्स।
तो शामिल कीजिये अपने दैनिक भोजन में एंटी ओक्सिदेंट्स से भरपूर अनाज,सब्जिय्यां,फल,मेवे और रखिये स्वयं और अपने परिवार को स्वस्थ।

अगर मेरा ये लेख आपको पसंद आया तो जरूर अवगत कराएं।

आपका और आपके परिवार के सम्पूर्ण स्वास्थ की मंगलकामनाओं के साथ-
रविन्द्र भट्ट 

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