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Dec 26, 2017

दुनिया में सबसे मुश्किल काम है सही दिशा में सही सोचना| How to think in right direction .

दोस्तों हम सभी अपने या अपने परिवार के लिये कुछ तो कर ही रहें हैं, भले ही तरीके अलग अलग होंगे, रिजल्ट भी सबके लिये अलग अलग ही होगा। किसी को कम , किसी को ज्यादा मिल रहा होगा।

मेहनत सभी कर रहें हैं पर लाख टके का सवाल यह है कि-
*क्या हमें हमारी मेहनत का सही रिजल्ट या पुरस्कार मिल रहा है?*

*क्या हमारी सभी जरूरत पूरी हो रही हैं?*
*क्या हमें इससे अधिक नहीं मिलना चाहिए?*
*क्या और बेहतर पाने की हमारी इच्छा नहीं हैं?*
*क्या जो हम कर रहे हैं ,उससे हमारी अंर्तआत्मा को दुःख नही पहुंच रहा हैं, हम अपनी खुद्दारी से समझौता तो नहीं कर रहें हैं?*
*क्या हमें अपने मौजूदा काम में प्रसन्नता मिल रही है या हम इस काम को तब भी करते रहेंगे अगर उस काम से हमें कोई फायदा ( जैसै इनकम ,मगर मजबूरी नहीं )नहीं मिल रहा है ?*

*दुनिया में सबसे मुश्किल काम है सही दिशा में सही सोचना*🤔 क्योंकि सही सोचने में दिमाग लगता है , जब सही बातें सोचने लगते हैं तो सच्चाई निकल आती है। इससे टेंशन होनी लगती है क्योंकि सही सोच हमें स
काम  करने के लिये उकसाती है जिससे मनचाही सफलता मिलेगी।काम तो ऐसे ,जो आज तक नहीं किये हैं ,इसलिये ज्यादातर लोग सोचना ही नहीं चाहते।
*अब कोई सोचेगा ही नहीं तो मनचाहा तो मिलने से रहा। फिर एक ही रास्ता बचता है - जो मिल रहा है उसी में संतोष करो और ऐसे लोगों ने ही एक कहावत को जन्म दिया- उतने ही पैर फैलावो, जितनी चादर है।*
*जबकि सही सोच वाला इतनी बड़ी चादर का इंतजाम करेगा कि उसमे पूरा समा सके, हो सके तो एक आध और भी समा सकें*

*मेरा मानना है कि जब कुछ करना है ही तो कुछ ऐसा और इतना कर लो कि सब बात बन जाय 😊जैसे-*

*अगर भौतिक सुख सुविधाएं* *जुटाने की ही बात है तो एक छोटे से घर की जगह एक बड़े से बंगले के बारे में सोचिये , या एक बड़ा सा अपार्टमेंट बनाने के* *ख्वाब देखिये , एक छोटी सी गाड़ी में घूमने की जगह* *luxury cars की fleet खड़ी करने के बारे में सोचिये*
*कुछ लाख का बैंक बैलेंस की जगह करोडो़ रूपये महीना या सालाना पैसीव इनकम का स्रोत बनाने की सोचिये।*

*छोटे मोटे घूमने फिरने की जगह अपने देश विदेश में सभी देखने, घूमने लायक जगहों पर जाने के बारें में सोचिये और सभंव करने के उपाय सोचिये*

*छोटी मोटी समाज सेवा के बदले बहुत से जरूरतमंदों को साधन संपन बनाने की सोचिये*

*आम भारतीय पूरी जिदंगी में आर्थिक और स्वास्थ्य की समस्या से हैरान परेशान है जिसका कारण  हैल्थ और फायनेन्शियल एजुकेशन नहीं होना है, लाखों करोड़ों लोगों को ऐसी सही और जरूरी एजुकेशन देने की सोचिये*
*हम अपनी सही गलत बात को प्रूव (साबित करना)करने में समय और ऊर्जा नष्ट कर रहें है जिसका कोई फायदा नहीं है, इसकी जगह खुद को इंप्रूवमेंट(सुधार करना) करने में लगायें*
*अच्छी बातोँ को बताने वाले या मदद करने वालों को तवज्जो न देनें या खिल्ली उड़ाने की बजाय उन बातों और उन भले लोगों को सम्मान देने और उनकी बातों को बढा़वा देने की सोचें।*
*अपने बच्चों को भी अपने जैसा  करने या बनने  की सलाह देने की बजाय उनके लिये कुछ करें कि वे अपनी हौबी को डेवलेप कर सकें और प्रचलित नौकरी या बिजनेस की जगह अपनी हौबी को ही आगे बढा़यें*

*फालतू की गप्पें हाँकने या टीवी देखने में , राजनीतिक तर्क कुतर्क में समय नष्ट करने के बजाय किसी विचार को मूर्तरुप देनी की सोचे*
*एक दूसरे से कंपीटीशन करने बजाय साथ मिलकर आगे बढ़ने की सोचें*

*common man की तरह सोचेंगे तो common man की तरह ही ज़िन्दगी बिता देंगे*…
जिदंगी आपकी...
सोच भी आपकी....
आप कैसे बनना चाहते हैं...
यह च्वॉइस भी आपकी..

*मैने कामन मैन की तरह सोचना कभी का बंद कर दिया ,जिसका परिणाम आप मेरी सोच को विभिन्न पोस्ट के रूपों मे आपको दिखाई दे रही होंगी. साथ ही कुछ ऐसा ही कर रहा हूँ जो 100% मनचाही सफलता  पाने की गाँरटी है.....*
😊
अस्तु ....
आपका शुभाकाक्षी...
रवींद्र 😊🙏🏻

आखिर  बहुत  सारे  लोग  क्यों  अपनी  life बस  एक  ही  जैसी  ज़िन्दगी  जीने  में  बिता  देते हैं

Friends, मैं कल अपने एक दोस्त को लाइफ डेवलेपमेंट प्लानिंग बताने के बाद उसके office के  gate से  बाहर निकल   रहा  था  तब  अचानक  ही  मेरी नज़र  वहां  काम  कर  रहे  gatekeeper पर  पड़ी , वैसे  तो  मैं  उसे  कई बार देख चुका हूँ  पर  आज  उसपर  थोडा  ध्यान  दिया …. वो  कोई  45-50 साल  का  व्यक्ति  होगा , उसे  देखकर  मेरे  मन  में  एक  सवाल  उठा —
*आखिर  बहुत  सारे  लोग  क्यों  अपनी  life बस  एक  ही  जैसी  ज़िन्दगी  जीने  में  बिता  देते हैं ?*
*क्यों  वे  एक  routine life के , भले  वो  घिसी – पिटी  ही  क्यों  ना  हो  के   इतना  used to हो  जाते  हैं  कि  उसे  बदलने  की  कोशिश  ही  नहीं  करते*?
*आखिर  क्यों  वे  अपनी  life में  वहीँ  के  वहीँ  रह  जाते  हैं  और  कोई  progress नहीं  करते ?*

*I am quite sure कि  मेरी  तरह  आपने  भी  ऐसे  लोगों  को  देखा  होगा , फिर  चाहे  वो  आपके  building का  guard हो ,आपके  school days का  कोई  teacher या  फिर  किसी  company का  कोई  employee, या  फिर  आप  खुद !!!*

Well, अगर  आप  इस  तरह  की  condition में  नहीं  हैं  तो  बहुत  अच्छी  बात  है ।
*लेकिन  अगर  आप  भी  ये  feel करते  हैं  कि  आप  एक  मुकाम  तक  पहुच  कर  थम  से  गए  हैं  या  चाह  कर  भी  आप  आगे  नहीं  बढ़  पा  रहे  हैं  तो  शायद  ये  article आपकी  कुछ  मदद  कर  पाए .*

*तो  आइये  जानते  हैं  5  वजहें  कि  क्यूँ  ऐसे  लोग  ज़िन्दगी  में  आगे  नहीं  बढ़  पाते*-

*1- वो progress के बारे में सोचते ही  नहीं  ।*
*2-सोचते हैं पर कुछ करते नहीं*
*3- वो सब कुछ खुद ही करना चाहते  हैं*
*4-Focus loose कर देते हैं*
*5-अपने मन में Mental block बना लेते हैं*

इन 5 कारणों को अगली बार एक एक करके विस्तार में बताऊंगा..

आप सोचिए...

किसी भी बड़े कार्य को सम्पन्न करने के लिए उसकी नीव सबसे मजबूत बनानी होती है*

*किसी भी बड़े कार्य को सम्पन्न करने के लिए उसकी नीव सबसे मजबूत बनानी*

कभी किसी काल में किसी नगर में राम और श्याम नामक दो धनी व्यापारी रहते थे. वे दोनों ही अपने धन और वैभव का बड़ा प्रदर्शन करते थे.

एक दिन राम  अपने मित्र श्याम  के घर उससे भेंट करने के लिए गया. राम  ने देखा कि श्याम  का घर बहुत विशाल और तीन मंजिला था. 2,500 साल पहले तीन मंजिला घर होना बड़ी बात थी और उसे बनाने के लिए बहुत धन और कुशल वास्तुकार की आवश्यकता होती थी. राम  ने यह भी देखा कि नगर में सभी निवासी श्याम  के घर को बड़े विस्मय से देखते थे और उसकी बहुत बड़ाई करते थे.

अपने घर वापसी पर राम  बहुत उदास था कि श्याम  के घर ने सभी का ध्यान खींच लिया था. उसने उसी वास्तुकार को बुलवाया जिसने श्याम का घर बनाया था. उसने वास्तुकार से श्याम के घर जैसा ही तीन मंजिला घर बनाने को कहा. वास्तुकार ने इस काम के लिए हामी भर दी और काम शुरू हो गया.

कुछ दिनों बाद राम काम का मुआयना करने के लिए निर्माणस्थल पर गया. जब उसने नींव खोदे जाने के लिए मजदूरों को गहरा गड्ढा खोदते देखा तो वास्तुकार को बुलाया और पूछा कि इतना गहरा गड्ढा क्यों खोदा जा रहा है.

“मैं आपके बताये अनुसार तीन मंजिला घर बनाने के लिए काम कर रहा हूँ”, वास्तुकार ने कहा, “सबसे पहले मैं मजबूत नींव बनाऊँगा, फिर क्रमशः पहली मंजिल, दूसरी मंजिल और तीसरी मंजिल बनाऊंगा.”

“मुझे इस सबसे कोई मतलब नहीं है!”, राम ने कहा, “तुम सीधे ही तीसरी मंजिल बनाओ और उतनी ही ऊंची बनाओ जितनी ऊंची तुमने श्याम के लिए बनाई थी. नींव की और बाकी मंजिलों की परवाह मत करो!”

“ऐसा तो नहीं हो सकता”, वास्तुकार ने कहा.

“ठीक है, यदि तुम यह नहीं करोगे तो मैं किसी और से करवा लूँगा”, राम ने नाराज़ होकर कहा.

उस नगर में कोई भी वास्तुकार नींव के बिना वह घर नहीं बना सकता था, फलतः वह घर कभी न बन पाया.

*अतः किसी भी बड़े कार्य को सम्पन्न करने के लिए उसकी नीव सबसे मजबूत बनानी चाहिए एवं काम को योजनाबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए ।*

क्या आप अपनी ideal life के बारे में सोचते हैं?

*दोस्तों अगर मै अपने आस पास देखता हूँ तो मुझे इक्का-दुक्का लोग ही ऐसे दिखते हैं जो अपनी dream life  या ideal life जी रहे हैं. मेरे लिए ये कोई tension की बात नहीं है,पर  जो बात मुझे चिंतित करती है वो ये है कि बहुत कम लोग ही अपनी ideal life के बारे में सोचते हैं , और उससे भी कम उसे पाने का प्रयास करते हैं.*🤔

*Ideal life से मेरा मतलब है एक ऐसी ज़िन्दगी जो आपके लिहाज़ से सबसे अच्छी हो,आपकी मनचाही हो,जिसे आप सच-मुच enjoy करें.*😊

*क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी ideal life कैसी होनी चाहिए*❓

नहीं, तो अभी से सोचना शुरू कर दीजिए🤔‼

*जिंदगी इतनी लम्बी नहीं है कि आप इस ज़रूरी काम को टाल सकें. और  दूसरी  बात  कि  ये  कोई  ऐसी  चीज  भी  नहीं  है  कि  इसे आज  सोचा  और  कल  पूरी  हो  गयी , इसमें  सालों  लग  सकते  हैं  या  एक  दशक  भी ‼ पर  जब  भी  आप  इस  life को  पा  लेंगे  आप  दुनिया  के  सबसे  खुशहाल  लोगों  में  होंगे . इसलिए  आपको  इस  ओर कदम  बढ़ाना  ही  होगा .*‼

*अगर मैं अपनी बात करूँ तो फिलहाल मैं भी अपनी ideal life से दूर हूँ, पर इतना ज़रूर है कि मैं ये जानता हूँ कि मेरी ideal life कैसी होगी और मैं तेजी से उसकी तरफ बढ़ रहा हूँ. और अगले दो – तीन सालों में वो reality होगी.*😊

*मेरे विचार से यदि आपको जानना है कि आपका आदर्श जीवन कैसा होगा तो आपको कुछ प्रश्नों के उत्तर अपने अंदर ढूँढने होंगे:*-

*आप अपनी ज़िंदगी कहाँ बिताना चाहते हैं?*

*क्या करते हुए  बिताना चाहते हैं* ?

*किन लोगों के साथ     बिताना चाहते हैं ?*

*आप अपना जीवन किस क्वालिटी का देखना चाहते हैं  यानी लाइफ स्टाइल कैसा देखना और जीना चाहते हैं*?

*आप क्या क्या भौतिक सुख सुविधाएं हासिल करना चाहते हैं?*

*समाज में आप अपना स्थान किस प्रकार और कितना महत्वपूर्ण देखना चाहते हैं*?

*आप भावी पीढियों को किस प्रकार की और कितनी  विरासत बनाकर देना चाहते हैं?*

*आप समाज को क्या और किस प्रकार से योगदान कर सकते हैं?*

*🗣और ये ध्यान रखना होगा कि इन प्रश्नों के उत्तर आपके अंदर की आवाज़ हैं ना  कि society को impress करने के लिए कही गयी बातें.*

*👉🏻अगर आपने ऐसा पहले से ही सोच रखा है तो इससे बेहतर हो ही नहीं सकता हैं,बस आपको इन बातों और सोच को असली जामा पहनाना है, अगर अभी तक नहीं सोचा है तो जितना जल्दी हो सके ऐसा सोच लीजिये और उस दिशा में काम करना शुरू कर दीजिये...*

*ऐसी ही सोच अपने परिवार में पैदा करने और बढ़ाने के लिये इस प्रकार की बातें परिवार के सदस्यों के साथ कीजिये, इससे आप और बड़ा परोपकार करेंगे अपने परिवार पर , समाज पर, देश पर, मानवता पर। ऐसी ही सोच वाले महापुरुषों के समान होतें हैं.*

*आइये इस दिशा में रोजाना एक कदम आगे बढ़े.....*😊

आपका शुभाकाक्षीं
रवींद्र भट्ट......

*आप ही हैं आपके भाग्यविधाता* |How to be creater of own life.

*आप ही हैं आपके भाग्यविधाता*

*हम जो कुछ भी अपने जीवन मे कर रहे हैं, बगैर कारण के नहीं करते, चाहे वह बहुत सामान्य या महत्वपूर्ण ही क्यों न हो*‼

आगे बढ़ने से पहले मैं आपसे कुछ सवाल करना चाहता हूं-

*आप अपने जीवन में चाहते क्या हैं*???

उत्तर मे समाप्त न होने वाली लिस्ट भी बन सकती है ,पर उन सभी को अगर कुछ श्रेणियों मे बाटाँ जाय तो , हम कह सकते हैं कि-

*हम चाहते हैं-*

*  धन* -

धन हमारी बेसिक जरुरतों को पूरा करने के लिये तो चाहिए ही साथ ही और भी जरूरतों को पूरा करने के लिये भी । अगर  सपने भी  हैं ,तो उनको पूरा करने के लिये भी धन यानी money  ही चाहिए । 
*यह सच है कि धन सब कुछ नही है पर यह भी सच है कि बहुत कुछ के लिये धन ही चाहिए*

*जीवन मे सबसे ज्यादा परेशानी धन की कमी से ही होती हैं ।*

अपने जीवन में हम सबसे ज्यादा समय धन कमाने के लिये ही देते हैँ ।धन वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिये ही नहीं चाहिए, बल्कि हर इन्सान धन अपनी इच्छानुसार और मनचाही मात्रा में भी चाहता है ।दूसरों की मदद करना भी मानव प्रकृति है, उसके लिये भी धन चाहिए ।

*  समय* -

हम अपनी ईच्छानुसार समय बिताना तो चाहते हैं पर क्या ऐसा सम्भव है?
अपनी और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए धन कमाना ज्यादातर लोगों की मजबूरी बन गई है, फिर अपनी मर्जी से समय बिताना  कहाँ सम्भव है ।
नौकरी मे सीमित अवकाश  अवधि मे जरूरी कार्यों को निपटारा ही किसी उपलब्धि से कम नहीं है ।
अपने बिजनेस या पेशेवर व्यवसाय मे समय निकालना और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है ।

समय की कीमत तब महसूस होती है ,जब समय या तो निकल जाता है या कुछ करने के लिये समय बच ही नहीं रहा होता है ।

*  अच्छा स्वास्थ्य*- 

*WHO के अनुसार दुनिया की कुल जनसंख्या के 5% लोग गम्भीर बीमारियों से पीड़ित हैं, केवल 15% सौभाग्यशाली इंसान ही अपने जीवन मे अभी तक बीमार नहीं हुये हैं पर भविष्य मे कभी बीमार नहीं पड़ेंगे, इसकी कोई  गारंटी नहीं है*
*बाकी 80% लोग कम से कम एक बार बीमार हो चुके हैं ।जिस रफ्तार से अस्पतालों की संख्या. बढ़ रही है, उससे यह बात साफ समझ मे आती है कि, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ेगी ही*

समय के साथ , समाज मे स्वस्थ्य जीवन की इच्छा और जागरूकता भी बढ़ रही है ।

एक सर्वे के अनुसार एक औसत भारतीय परिवार सालाना. अपनी पारिवारिक बचत का  40%  बीमारियों के इलाज पर खर्च करता है , जिसे बचाया जा सकता है ।

*  सुरक्षित भविष्य* :

हम अपने वर्तमान की तुलना मे भविष्य के प्रति ज्यादा चिंतित रहते हैं । क्योंकि हमारा  वर्तमान जीवन स्तर, आय आदि हमारे काम करने पर ही निर्भर है, भविष्य में हम वह काम करने योग्य रहेंगे या नहीं , हमारा काम कैसा चलेगा, इन बातों पर हमारा कोई कंट्रोल नही होता है ।
समय के साथ साथ नौकरियों, व्यापार सब में प्रतियोगिता बढ़ती ही रहती हैँ ।बहुत से जाने ,अनजाने कारण भी हमारी असुरक्षा की भावनाओं को समय समय पर और भी गंभीर बना देती हैं ।

*  मान - सम्मान*:

हर इंसान की मान सम्मान पाने की ,असीम इच्छा रहती है ।
अपने परिवार, समाज, राज्य ,देश- दुनिया मे नाम रौशन करने के लिये प्रयत्न भी करते हैं ,समाज सेवा आदि काम हमारी इसी इच्छा के परिणाम हैँ

*अब यहाँ पर बहुत ही महत्वपूर्ण बात सामने आती हैँ कि, इन सब बातों की जरूरत हम सभी को है*?????

*जो काम हम कर रहे हैं*-
*क्या उस काम से यह सब हमें मिल रहा है*? ????????

*या मिल सकता है*???


Dec 8, 2017

सोचिये...क्योंकि जिदंगी आपकी ही है!!| How to Think and live a life of Choice

*जीवन कैसा है? पर कैसा हो?*⁉⁉
*सोचिये...... जरूर....क्योंकि जिदंगी तो आपकी ही है...*

*इंसान गुफाओं से निकलकर आज आधुनिक विकास का आनंद उठा रहा है । समय गुजरने के साथ साथ जरूरत़ें भी बढ़ जाती हैं ।ऐसा हर इंसान और परिवार के साथ हो रहा है ।*

*अपनी और परिवार की बढ़ती जरुरतों को पूरा करने की आपाधापी में इस एक बार मिलने वाले जीवन को कैसे आंनदपूर्वक जीया जाये?*
हर कोई जीवन जी तो रहा है पर कुछ न कुछ छूटता रहता है ।

*जिदंगी की गुजर बसर करने के लिये रूपये कमाना मजबूरी है ,ईच्छा नहीं ।*

*कोई अपनी जरूरत भर का भी नहीं कमा पा रहा है तो, कोई जरुरत से अधिक ।*

*किसी का स्वास्थ्य फिलहाल ठीक है तो, किसी का नहीं , समय के साथ स्वास्थ्य की समस्या हर घर मे बढ़ती जा रहीं हैं ।*

*किसी के पास समय ही समय है तो, किसी के पास जीवन का आंनद लेने की फुर्सत ही नहीं है ।*

*कोई मेहनत करने के बावजूद भी संघर्ष ही कर रहा है तो कोई बगैर किसी खास शिक्षा और कौशल के सफलताओं के झंडे गाड़ देता है*। 

*कोई मान सम्मान की परवाह ही नहीं करता  तो, कोई अपनी मान सम्मान की रक्षा के लिये अपनी जान भी दे देता है और ले भी लेता है ।*

*कोई समाज सेवा के लिये अपना जीवन न्यौछावर कर देता है तो,कोई आपराधिक जीवन जीने का रास्ता अपना लेता है ।*

*कोई अपनी ईच्छा से काम कर रहा है तो, कोई मजबूरी में ।*
*कोई धर्म करम को ही जीवन मान लेता तो कोई भोग विलास को ही ।*

*हर इंसान के मन में कसक रहती ही रहती है , काश ऐसा हो जाता ,आदि आदि ।*

इन सब बातों का निचोड़ यही हे कि जीवन कैसा होना चाहिये ,इस पर किसी की एक राय नहीं है ,न ही कोई ऐसी सही सलाह देता है ।

*ऐसी सलाह देना और मिलना मुश्किल ही है क्योंकि ऐसी शिक्षा न तो स्कूल, कालेज में मिलती है न ही माँ बाप को पता है ।*

वाकई यह असमंजस की स्थिति है और इस स्थिति में भ्रम का शिकार होना बड़ा आसान हो जाता है । आपको कोई भी किसी भी एक बात से प्रभावित कर सकता है ।😳

*इतिहास और  वर्तमान में  लोगों के अनुभवों के आधार पर  और भविष्य के अनुमान के  आधार पर एक सुखी -समृध्द जीवन के मूल आधार हैं-*

*धन-सम्पत्ति -Wealth*
*स्वास्थ्य- Health*
*समय -Time*
*सुरक्षित भविष्य -Secured Future*
*सामाजिक मान सम्मान- Recognition.*

*जिस इंसान के पास ये सभी हैं, वाकई उसी का जीवन सुखी समृध्द जीवन है*😃

इन सब में से किसी की कमी से जीवन में छटपहाट और संघर्ष ही रहेगा ।

आम तौर पर अधिकांश लोगों के जीवन में यह सब नहीं होता है ,इसीलिये उनका जीवन संघर्षों से भरा होता है । 

*यह संघर्ष हो सकता है आमदनी के लिये हो या स्वास्थ्य का, या समय की कमी या समाज में मान सम्मान पाने का या भविष्य की चिंता ।*

अधिकतर  लोगों की सोच यह बन चुकी है कि यह सब एक साथ मिलना असंभव है और जैसा जीवन चल रहा है , वैसे ही  चलने दो***😕*

*क्योंकि हमें अपने आसपास, कोई भी भी इंसान ऐसा नहीं मिलता है जिसके पास यह सब हो, इसीलिए हमारी सोच ऐसी बन गयी है।*

*जो मुठ्ठी भर लोग ऐसे कामयाब हो गये हैं, वे अपने आप बहुत बड़े अंहकार के मालिक बन गये हैं कि दूसरों को ऊपर ऊठाने की सोचते भी नहीं हैं ।*

*समाज में यह सोच बन गयी है जिसकेपास जितना ज्यादा धन संपत्ति होगी , वही बड़ा आदमी माना जायेगा🤔*

थोड़े बहुत लोग खूब रुपया पैंसा कमाकर धन संपत्ति जमा करके अपने आप को संतुष्ट कर लेते हैं कि चलो जीवन में अब मजा आयेगा। उनकी इस सोच के हिसाब से वे ठीक ही हैं क्योंकि अधिकांश चीजेँ रूपयों से आती हैं ।पर बाकी चीजें छूट जाती है।

  
*सच्चाई तो यह कि हर इंसान इन सबको पा सकता है । बस इन बातों को समझना -सीखना पड़ता है और उनको पाने का रास्तें पर चलना पड़ता है ।*

**********************
*मेरे डायनामिक सपोर्ट सिस्टम का उद्देश्य ही यही है कि हर व्यक्ति को सही सोच,जानकारी, मार्गदर्शन ,रास्ता और सहयोग मिले सही कामयाबी के लिये।****************

अगली बार एक एक बात पर विस्तार पूर्वक बात करूँगा ।

*अगर आपको ये बातें ठीक लगती हैं या  अपने अनुभव साझा करना चाहते हैं तो कृपया कमेंट जरूर करें।*

आपके सुखी- समृध्द जीवन की शुभकामनाओं सहित  आपका शुभाकाक्षीं-

रवींद्र भट्ट 

Dec 4, 2017

कैरियर कैसा होना चाहिए | How should be a Right career

*रास्ता वही सही ,जो मंजिल तक पहुँचाये!-कैरियर...*

*हर स्टुडेंट की सबसे बड़ी फिक्र - मेरा कैरियर क्या होगा?*  
*माँ बाप  की भी यही फिक्र- हमारे बच्चे का कैरियर क्या, किस क्षैत्र में होगा?*
*हर व्यक्ति की सबसे बड़ी फिक्र यही है -  मेरे कैरियर का क्या होगा?*

*पर कैरियर का सही  मतलब  है क्या*⁉

*कैरियर किसे कहतें हैं , इसको समझने से पहले यह समझना पड़ेगा कि आप एक व्यक्ति के रूप में अपने जीवनकाल में क्या चाहते हैं?*

 हर व्यक्ति जो अपनी या दूसरों की जरूरतों के लिये जिम्मेदार होता है या होगा, उसे उन जरूरतों को पूरा करने के लिये रूपये यानी धन तो चाहिये होगा।

*हर व्यक्ति की सबसे पहली प्राथमिकता अपनी बेसिक जरूरत़ों को पूरा करना होती है, उसके बाद आरामदायक वस्तुओं की, तब विलासिता की । इसके अलावा अच्छे स्वास्थ्य, सुरक्षित भविष्य, मान सम्मान की चाह आमतौर पर सबकी ही होती है ।  इसके अलावा हाबी या पैशन को आगे बढ़ाना भी चाह हो सकती  है ।*

*जिस साधन से आप यह सभी हासिल कर सकते हैं उसे ही कैरियर कहते हैं ।*

धन  से हासिल होने वाली हर चीज के लिये रूपये हासिल तो करने पड़ेंगे , इसके कई तरीको को अपनाते हैं जैसे- भीख माँगना,चोरी, डकैती ।लेकिन ये तरीके गैरकानूनी और अनैतिक हैं *इसीलिए कोई भी ऐसा पेशा यानी कैरियर कोई भी नहीं अपनाता जो गैरकानूनी और अनैतिक हो* ।

*रूपये प्राप्त करने का सीधा तरीका है आमदनी कमाना ,यानी दूसरों के लिये काम करने के बदले मे रूपये लेना। इसी को इनकम कहते हैं । ऐसी इनकम , नौकरी या खुद चीजों /सेवाओं को बेचने ( सेल्फ इंपल्वायमेंट) से हासिल की जा सकती हैं।*

*इन जरुरतो को सही प्रकार से हासिल करने का जो भी रास्ता अपनाया जाय , वह कानूनी, सम्मानजनक हो साथ ही वह आपकी सभी बेसिक जरूरतों को पूरा कर सके, आपके लिये आरामदायक वस्तुओं को हासिल करने के लिये आपको पर्याप्त धन दे, अगर आपकी लक्जरी जरूरत़ें हैं तो वो भी पूरी हो सकें ।*

अगर किसी कारणवश आप आमदनी कमाने वाला काम न भी कर पाये तो भी इनकम आ सके, ऐसी व्यवस्था भी उस कैरियर में होनी चाहिये।

अच्छी सेहत तो आपके ईच्छा, आमदनी और जीवनशैली से निर्धारित होती है ।

जिनके पास काफी धन दौलत है, वे बहुत  से लोगों को काम पर लगाकर (नौकरी पर लगाकर)  बहुत सा काम कराते हैं( सामान या सेवाएं बेचना ) और बदले में और अधिक आमदनी कमाते हैं, इन्हें ही बिजनेसमैन बोला जाता हैं ।

कुछ धनवान  कोई काम  करने के बजाय उस धन को किसी और के बिजनेस में निवेश कर देते हैं जहाँ से निवेश पर आमदनी मिलती है जिसे ब्याज या डिविडेंड कहते हैं।और ऐसे लोगों को निवेशक यानी इनवेस्टर कहा जाता है।

*इसीलिए कहा जाता है कि आपके पास कानूनी तरीक़े से आमदनी लेने के केवल चार तरीक़े हैं-*

नौकरी....Job

खुद का काम...Self Employment

बिजनेस.... Business

निवेश.... Investment.

*किस काम से आपको ये सभी आपको मिल सकती हैं, वही आपका कैरियर होना चाहिए...*

*अब जरा आप अपने आमदनी के साधन को कैरियर की परिभाषा से मिलाएं*‼‼

 क्या परिणाम ???

*90% लोग आमदनी के लिये नौकरी या खुद का व्यवसाय करते हैं यानी कैरियर की परिभाषा पर खरे नहीं उतरते हैं परिणाम?????*

 समझौते... वो भी कई .....

*आपका कैरियर वही होना चाहिए जो आपको यह सब दे सके...*

*अगर आपका कैरियर यह सब दे रहा है तो आप वाकई बड़े सौभाग्यशाली हैं।*

*अगर नहीं तों कुछ ऐसा करें कि आपकी यह सब जरूरत हासिल हो सकेंं।*

शुभ कामनाओं सहित....

रवीन्द्र भट्ट.

 

आखिर बड़ा सोचने में मुश्किल क्या आती है | What Problems are found in thinking big

*आखिर बड़ा सोचने में मुश्किल क्या आती है ?*

जब आप motivate होते हैं तो आप बड़ा सोचने लगते हैं , मेरी life grand होगी ,
मैं बहुत बड़ा मुकाम हांसिल करूँगा ….
पर जैसे ही थोडा वक़्त बीतता है आपका जोश ठंडा पड़ने लगता है …
अन्दर से आवाज़ आती है …
अरे इतना कहाँ हो पायेगा …
ये तो बहुत मुश्किल है …

आपके अन्दर की आवाज़ दरअसल सालों से छोटा सोचने की conditioning के कारण है …
आपको deliberately इसे बदलना होगा …
और ये तभी possible है जब आप इस आवाज़ के बावजूद बड़ा सोचते रहिये …
जो करना चाहते हैं उसे visualize करते रहिये …
उसे अपनी success diary में लिखते रहिये ….

जब आप ऐसा करेंगे तो एक दिन आपके अन्दर की आवाज़ भी बदल जाएगी और वो आपकी सोच की हाँ में हाँ मिलाने लगेगी और तब आप उसे हकीकत में बदलता देख पायंगे .

Friends, कुछ दिनों पहले मैं एक bakery shop के सामने से गुजर रहा था …
मैंने देखा कि वहाँ का guard फटे -चीथड़े कपड़ों में खड़े 8- 10 साल के तीन लड़कों को धुत्कार के भगा रहा था ……
क्यों है ऐसा ……
आज भी हमारे देश में कोई इतना गरीब क्यों है कि अपना पेट भी नहीं भर सकता …
क्यों नहीं सोचते हम सब बड़ा क्यों नहीं ख़तम करते अपनी mediocrity को और बदल डालते हैं अपनी और इस देश की तकदीर को ???

भला हम कैसे आँखें मूँद सकते हैं इन सबसे , हमारा luck था कि हम अच्छे घरों में पैदा हुए वर्ना उन तीन लड़कों में से एक मैं भी हो सकता था …
एक आप भी हो सकते थे …
क्यों ऐसा नहीं हो सकता कि कम से कम basic चीजों के लिए कोई इस बात पर निर्भर ना करे कि वो किस घर में पैदा हुआ है !

आप अच्छे हैं ये अच्छा है पर आप छोटा सोचते हैं ये बुरा है …
इसलिए अपनी सोच को बड़ा कीजिये …
हो सकता है आपको इसकी ज़रुरत न हो पर करोड़ों हैं जिन्हें इसकी ज़रुरत है …
ईश्वर ने आपको काबिल बनाया है तो उसके इस तोहफे को बेकार मत जाने दीजिये ….
उठिए ;
चलिए कुछ बड़ा कीजिये !!!

Nov 22, 2017

जेल से निकलना है तो सुरंग बनाइये | How to make way to succeed

*जेल से निकलना है तो सुरंग बनाइये!*

आपने movies में कोई ऐसा scene ज़रूर देखा होगा जिसमे hero jail से भागने के लिए एक सुरंग बनाता  है और finally उस जेल से फरार हो जाता है. काफी exciting होता है ये, नहीं!
पर आज मैं आपको खुद यही काम करने के लिए कह रहा हूँ …मैं आपको एक सुरंग बनाने के लिए कह रहा हूँ..
क्योकि आप भी अपनी life के hero हैं और unfortunately एक virtual jail में क़ैद हैं …
एक ऐसी जेल जिसमे जाने से पहले आपको पता भी नहीं था की वो एक जेल है…..
आप किसी ऐसी job, business या काम में फंस चुके हैं जो आपको बिलकुल पसंद नहीं है …
कभी कभी तो आप frustrated feel करते हैं …
क्योंकि आप यहाँ वो नहीं कर रहे होते जो आप सबसे अच्छे ढंग से कर सकते हैं…
आप खुद इसे छोड़ना भी चाहते हैं लेकिन financial obligations की वजह से छोड़ नहीं पाते..

मत accept करिए इस condition को, अपनी सुरंग बनाना शुरू करिए …
अपने दिल का काम शुरू करिए...
अगर नहीं पता कि वो क्या है तो उसे तलाशिये ….
पर उस काम को ज़िन्दगी भर मत करिए जिसे आप पसंद नहीं करते ….
जो आपको mediocre बनाता है. इस बात को हमेशा याद रखिये कि –

*जिस चीज को आप चाहते हैं उसमे असफल होना जिस चीज को आप नहीं चाहते उसमे सफल होने से बेहतर है.*

*कैसे बनाएं सुरंग ?*

कैसे से ज्यादा ज़रूरी है की क्यों बनाएं …
*जेल में बहुत से कैदी होते हैं पर हीरो ही सुरंग क्यों बना पाता है, क्योंकि उसके सामने एक motive होता है, ये motive ही उसे इतना कठिन काम करने की inspiration देता है*…
*आपका motive क्या है ??*…
*क्या already आपके दिमाग में वो चीज है जो आप current job/ work को छोड़ कर करना चाहते हैं ? …*

अगर नहीं है तो इस बारे में सोचना बेकार है, ऐसे में अगर आप सुरंग बनाने में कामयाब हो भी जाते हैं तो पता है वो कहाँ निकलेगी ???

एक दूसरी जेल में!!

तो अगर आपको लगता है कि आप किसी जेल में बंद हैं तो सबसे पहले आपको जानना होगा कि यहाँ से निकल कर आप करना क्या चाहते हैं, what is that excites you, किस चीज को लेकर आप passionate हैं?

ये कैसे पता करें ?
जैसे मैं इसे वेस्टीज से कर रहा हूँ. वाकई यह बेमिसाल है,  मैं भी ऐसी जेल तोड़ने में कामयाब हो रहा हूँ, वाकई  हजारों  और लोगों ने भी वेस्टीज से ऐसी जेलें तोड़ चुके है। अगर आप भी ऐसी जेल तोड़ना चाहते हैं तो आप भी वेस्टीज से इसे संभव कर सकते हैं।

*Friends, most of us कभी न कभी किसी चीज को लेकर excited होते हैं …*
*सपने बुनने लगते हैं …*
*आपने लोगों को कहते सुना या खुद भी कहा होगा,*
“ *मैं एक restaurant शुरू करने वाला हूँ ”,*
“ *मैं एक xyz company डालने वाला हूँ …”,*etc..
*but most of the people just talk, they don’t act.*

*अगर आपको अपना passion जानना है तो ACT करना होगा, जो चीज बहुत appeal करे उसे कर डालिए …*
*don’t let the excitement die. कर के ही जाना जा सकता है की आप सचमुच उस काम के लिए बने हैं या नहीं.*

*अब लौट कर आते हैं अपने basic question पर, “कैसे बनाएं सुरंग ?”*

*हीरो क्या करता है ?*…
किसी औजार का प्रयोग करता है ….
आपको भी कुछ ‘औजारों’ की ज़रुरत पड़ेगी और वो औजार हैं..
आपकी skills,
आपका knowledge.
आप जो करना चाहते हैं उससे related knowledge और skills gather कीजिये.
उसके बाद औजार का प्रयोग करिए ….
सिर्फ औजार हाथ में आ जाये  और Hero उसे लेकर बैठा रहे तो क्या सुरंग बन पायेगी ?
नहीं.
*आपको भी अपने औजारों को प्रयोग में लाना होगा.*
*समय निकालना होगा.*

*हीरो सुरंग कब बनाता है*
*दिन में जब सब काम कर रहे होते हैं*…

नहीं, उस वक़्त तो वो भी काम करता है …
आप भी उस वक़्त वही करिए जो आप कर रहे हैं …
पर जिस वक़्त सब आराम कर रहे होते हैं …
सो रहे होते हैं …
मैच के मजे ले रहे होते हैं …facebook से चिपके हुए होते हैं…..
उस वक़्त आप अपनी सुरंग बनाइये …
अपना काम करिए …
ये आसान नहीं है …
इसमें time लगेगा …
1-2-3-4-5 साल या फिर और, सुरंग एक दिन में नहीं बनती.., …
बहुत कुछ sacrifice करना होगा ….
थक कर रुक जाने का दिल करेगा पर आपको चलते रहेना होगा….
और
*चलते -चलते एक दिन आ ही जायेगा जब आप जेल के बहार होंगे ….*
*अपनी नयी दुनिया में, आज़ाद, अपने नए काम के साथ… खुशियाँ बटोरते …खुशियाँ लुटाते*…

Sep 23, 2017

खरी बात- मजबूरी या समझदारी

खरी बात- मजबूरी या समझदारी

इंसान गुफाओं से निकलकर आज आधुनिक विकास का आनंद उठा रहा है । समय गुजरने के साथ साथ जरूरत़ें भी बढ़ जाती हैं ।ऐसा हर इंसान और परिवार के साथ हो रहा है । 

अपनी और परिवार की बढ़ती जरुरतों को पूरा करने की आपाधापी में इस एक बार मिलने वाले जीवन को कैसे आंनदपूर्वक जीया जाये?

हर कोई जीवन जी तो रहा है पर कुछ न कुछ छूटता रहता है ।

जिदंगी की गुजर बसर करने के लिये रूपये कमाना मजबूरी है ,ईच्छा नहीं ।

कोई अपनी जरूरत भर का भी नहीं कमा पा रहा है तो, कोई जरुरत से अधिक ।

किसी का स्वास्थ्य फिलहाल ठीक है तो, किसी का नहीं ।

 किसी के पास समय ही समय है तो, किसी के पास जीवन का आंनद लेने की फुर्सत ही नहीं है ।

 कोई मेहनत करने के बावजूद भी संघर्ष ही कर रहा है तो कोई बगैर किसी खास शिक्षा और कौशल के सफलताओं के झंडे गाड़ देता है । 

कोई मान सम्मान के लिये दूसरे की जान भी ले लेता है तो, कोई अपनी मान सम्मान की रक्षा के लिये अपनी जान भी दे देता है ।

कोई समाज सेवा के लिये अपना जीवन न्यौछावर कर देता है तो,कोई आपराधिक जीवन जीने का रास्ता अपना लेता है ।

कोई अपनी ईच्छा से काम कर रहा है तो, कोई मजबूरी में ।

कोई धर्म करम को ही जीवन मान लेता तो कोई भोग विलास को ही ।

हर इंसान के मन में कसक रहती ही रहती है , काश ऐसा हो जाता ,आदि आदि ।

इन सब बातों का निचोड़ यही हे कि जीवन कैसा होना चाहिये ,इस पर किसी की एक राय नहीं है ,न ही कोई ऐसी सही सलाह देता है ।

ऐसी सलाह देना और मिलना मुश्किल ही है क्योंकि ऐसी शिक्षा न तो स्कूल, कालेज में मिलती है न ही माँ बाप को पता है ।

वाकई यह असमंजस की स्थिति है और इस स्थिति में भ्रम का शिकार होना बड़ा आसान हो जाता है । आपको कोई भी किसी भी एक बात से प्रभावित कर सकता है ।

इतिहास और  वर्तमान में  लोगों के अनुभवों के आधार पर  और भविष्य के अनुमान के  आधार पर एक सुखी -समृध्द जीवन के मूल आधार हैं-

* धन-सम्पत्ति -Wealth

* स्वास्थ्य-Health

* समय -Time

* सुरक्षित भविष्य -Secured Future

* मान सम्मान - Recognition.

 जिस इंसान के पास ये सभी हैं, वाकई उसी का जीवन सुखी समृध्द जीवन है ।

इन सब में से किसी की कमी से जीवन में छटपहाट और संघर्ष ही रहेगा ।

आम तौर पर अधिकांश लोगों के जीवन में यह सब नहीं होता है ,इसीलिये उनका जीवन संघर्षों से भरा होता है । 

यह संघर्ष हो सकता है आमदनी के लिये हो या स्वास्थ्य का, या समय की कमी या समाज में मान सम्मान पाने का या भविष्य की चिंता ।

अधिकतर  लोगों की सोच यह बन चुकी है कि यह सब एक साथ मिलना असंभव है और जैसा जीवन चल रहा है , वैसे ही चलने दो । थोड़े बहुत लोग खूब रुपया पैंसा कमाकर धन संपत्ति जमा करके अपने आप को संतुष्ट कर लेते हैं कि चलो जीवन में अब मजा आयेगा। उनकी इस सोच के हिसाब से वे ठीक ही हैं क्योंकि अधिकांश चीजेँ रूपयों से आती हैं ।पर बाकी चीजें छूट जाती है।

सच्चाई तो यह कि हर इंसान इन सबको पा सकता है । बस इन बातों को समझना -सीखना पड़ता है और उनको पाने का रास्तें पर चलना पड़ता है ।

अगली बार एक एक बात पर विस्तार पूर्वक बात करूँगा ।

अगर आपको ये बातें ठीक लगती हैं या  अपने अनुभव साझा करना चाहते हैं तो कृपया कमेंट जरूर करें।

आपके सुखी- समृध्द जीवन की शुभकामनाओं सहित  आपका शुभाकाक्षीं-

रवींद्र भट्ट 

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