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Jan 24, 2018

जीवन कैसा हो?

Good morning friends..😀🙏
हम सभी ही बड़े भाग्यशाली हैं ,जैसे मानव योनी में जन्म मिला है

इस दुनिया में हर इंसान जीने के मौके मिले हैं ,यह उसकी बुद्धि पर निर्भर करता है कि वह अपने जीवन को किस प्रकार के जीवन के रुप में जीना चाहता है। जीवन तीन प्रकार का होता है-

*1- लाइफ आफ नथिंग.Life of Nothing-*
इस प्रकार के लोग इस दुनिया में क्यो आये,  उनके आने से न किसी को खुशी मिलती है न जाने से दुःख....।।सबसे ज्यादा संख्या इनकी ही है धरती पर।

*2- लाइफ आफ समथिंग.life of something..*

जो लोग अपने और अपने परिवार की खुशहाली के लिये कुछ करने मे कामयाब हो जाते हैं,पर सपने पूरे नही कर पाते हैं।ये भी कुछ हद तक कंप्रोमाइज्ड लाइफ ही जीते है।।2-3 पीढिय़ों बाद ये भी भुला दिये जाते हैं...
✨✨✨✨✨✨✨
*3- लाइफ आफ सिग्नीफिकेंश. Life of significance-*

*जो लोग अपने, अपने परिवार के लिये बहुत कुछ करने में कामयाब होते हैं,साथ ही अपने पास पड़ोस, समाज पर बहुत गहरा असर डालने में कामयाब होते हैं, ये ही रोल माडल होते है, इनके ही  सपने पूरे होते हैं, विरासत में ये बहुत अच्छे मानवीय गुण, संपत्ति, मान सम्मान और मधुर यादों का खजाना बनाकर आने वाली कई पीढ़ियों को भी अपने जैसी एक्स्ट्रा ओर्डिनरी लाइफ बना देते हैं*
*वाकई यही लाइफ जीना ही लाइफ है। बाकी प्रकार की लाइफ तो साधारण लाइफ सभी जी रहे हैं।*
✨✨✨✨✨✨✨✨

हम सभी अपनी लाइफ को 100% एक्स्ट्रा ओर्डिनरी बना सकते हैं...यह सीखना पड़ता है, जो सीखने और करम करने के लिये तैयार होगा, वह ऐसी लाइफ बनाने में जरूर कामयाब होगा...

आपका शुभाकांक्षी....
रवीन्द्र भट्ट

Jan 23, 2018

अपने साथ अपने लोगों को लेकर चलें

शुभ प्रभात🙏😀

*अपने साथ अपने लोगों को लेकर चलें*

बहुत  समय  पहले  की  बात  है  एक  विख्यात  ऋषि  गुरुकुल  में  बालकों  को  शिक्षा  प्रदान  किया  करते  थे. उनके गुरुकुल में बड़े-बड़े राजामहाराजाओं के पुत्रों से  लेकर साधारण परिवार के लड़के भीपढ़ा करते थे। वर्षों से शिक्षा प्राप्त कर रहे शिष्यों की शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी और सभी बड़ेउत्साह के साथ अपने अपने घरों को लौटने की तैयारी कर रहे थे कि तभी ऋषिवर की तेज आवाजसभी के कानो में पड़ी,

“आप सभी मैदानमें एकत्रित हो जाएं।“

आदेश सुनते हीशिष्यों ने ऐसा ही किया।

ऋषिवर बोले, “प्रिय  शिष्यों, आज  इस  गुरुकुल  में  आपका  अंतिम  दिन  है. मैं  चाहता  हूँ  कि  यहाँ  से  प्रस्थान  करने  से  पहले  आप  सभी  एक  दौड़  में  हिस्सा  लें. यह  एक  बाधा  दौड़  होगी  और  इसमें  आपको  कहीं  कूदना  तो  कहीं  पानी  में दौड़ना  होगा  और  इसके  आखिरी  हिस्से  में  आपको  एक  अँधेरी  सुरंग  से  भी  गुजरना  पड़ेगा.”

तो  क्या  आप  सब  तैयार  हैं ?”

”हाँ, हम  तैयार  हैं”, शिष्य  एक  स्वर  में  बोले.

दौड़ शुरू  हुई.

सभी  तेजी  से  भागने  लगे. वे  तमाम  बाधाओं  को  पार  करते  हुए अंत  में  सुरंग  के  पास  पहुंचे. वहाँ  बहुत  अँधेरा  था  और  उसमे  जगह जगह  नुकीले  पत्थर  भी  पड़े  थे  जिनके  चुभने  पर  असहनीय  पीड़ा  का  अनुभव  होता  था. सभी  असमंजस  में  पड़  गए, जहाँ  अभी  तक  दौड़  में  सभी  एक  सामान  बर्ताव  कर  रहे थे  वहीँ  अब  सभी  अलग अलग  व्यवहार  करने  लगे ; खैर, सभी ने जैसे-तैसे   दौड़  ख़त्म  की और ऋषिवर के समक्ष एकत्रित हुए।

 “पुत्रों ! मैं देख  रहा  हूँ  कि  कुछ  लोगों  ने  दौड़  बहुत  जल्दी  पूरी  कर  ली  और  कुछ  ने  बहुत अधिक  समय  लिया, भला   ऐसा  क्यों  ?”, ऋषिवर ने प्रश्न किया।

यह सुनकर एक  शिष्य  बोला, “गुरु  जी,
*हम  सभी  लगभग  साथ साथ  ही  दौड़  रहे  थे  पर  सुरंग  में  पहुचते  ही  स्थिति  बदल  गयी. कोई  दुसरे  को  धक्का  देकर  आगे  निकलने  में   लगा  हुआ  था  तो  कोई  संभलसंभल  कर  आगे  बढ़  रहा  था. और  कुछ तो ऐसे  भी  थे  जो  पैरों  में  चुभ  रहे  पत्थरों  को  उठा उठा  कर  अपनी  जेब  में  रख  ले  रहे  थे  ताकि  बाद  में  आने  वाले  लोगों  को  पीड़ा  ना  सहनी  पड़े.* इसलिए सब ने अलग अलग समय में दौड़ पूरी की.”

“ठीक है ! जिन लोगों  ने  पत्थर  उठाये  हैं  वे  आगे  आएं  और  मुझे  वो  पत्थर  दिखाएँ“, ऋषिवर  ने  आदेश  दिया.

आदेश  सुनते  ही  कुछ  शिष्य  सामने  आये  और  पत्थर  निकालने  लगे. पर  ये  क्या  जिन्हे  वे  पत्थर  समझ  रहे  थे  दरअसल  वे  बहुमूल्य  हीरे  थे.  सभी आश्चर्य  में  पड़  गए  और  ऋषिवर  की   तरफ  देखने  लगे.

“मैं  जानता  हूँ  आप  लोग  इन  हीरों  के  देखकर  आश्चर्य  में  पड़  गए  हैं.” ऋषिवर  बोले।

“दरअसल इन्हें मैंने ही उस सुरंग में डाला था,और *यह दूसरों के विषय में सोचने वालेशिष्यों को मेरा इनाम है।"*

*इस दौड़ से हमे यह समझने की जरुरत है कि-*

*आज के युग में यदि हम आगे बढ़ना चाहतें हैं, या हम अपने सपनो को पूरा करना चाहतें हैं तो जरुरी है की हम अपने साथ अपने लोगों को लेकर चलें, क्योंकि यदि हमारे लोग आगे बढ़ेंगे तो हम तो आगेबढ़ेंगे ही *

*यही सोच ही सबको आगे बढ़ने में सबको मदद.करती है सबको आसानी होगी आगे बढ़ने में..*

*जब अधिक से अधिक लोग* *सफल होंगे तो हर व्यक्ति का ही अधिक से अधिक फायदा होगा..*

ऐसा कैसा हो सकता है?*

*जरा आप सोचें तो सही ,, आपको उत्तर अपने आप मिल जायेंगे..*

*यही सार्थक जीवन है ,इसे ही धर्म कहते हैं, धर्म का मूल यही भावना है, सभी मानवीय गुणों का कारण और  परिणाम है... यह बड़ी गंभीरतापूर्वक समझने की जरुरत है...*

आपका शुभाकांक्षी रवीन्द्र भट्ट

Jan 20, 2018

सोचना तो पड़ेगा....

शुभ प्रभात..

आपके लिये दिन की शुभकामनाओं के साथ आज मैं आपसे कुछ खास बात करना चाहता हूँ-
*शायद  ही आपको ध्यान हो कि  मैं आपको रोजाना पोस्ट क्यों भेज रहा हूँ?*

👉🏻ज्यादा उम्मीद इस बात की हैं कि आपके मन में यह बात बैठ गई हो कि , आपको फायदा तो हो न हो पर बार बार पोस्ट भेजने वाले का तो पक्का फायदा है!!!!!
तभी तो मेरे पीछे पड़ा हुआ है!!!

हो सकता है कि इस बात से आपको अपना गर्व  या कीमत या अहम बढ़ता दिखता हो ! या आपको कुछ भी फर्क नही पड़ता हो या आप मुझसे  पीछा छुड़वाना  चाहते हों!!!!
अगर अभी तक आपने मेरी मंशा को भलीभाँति नही समझा हो..

👉🏻मैं आपसे इतना ही कहना चाहता हूँ कि चाहे  आपको मेरी कही गई या लिखी बातों पर यकीन हो या न हो,आप कुछ न कुछ तो सोचते ही होंगे....

*सोचना तो कदम दर कदम पड़ता ही है।*

*यह बड़ी अजीब बात है कि हम जिन बातों से अपना पीछा छुड़वाना चाहते हैं, देर सवेर पाला उन चीजों से ही पड़ता है।।।*

👉🏻जब कुछ न कुछ सोचना ही पड़ता है तो, कुछ ऐसे सोचने में क्या बुराई है ,जो आपको बहुत बड़ा फायदा दे..आपको मनचाही कामयाबी पाने का रास्ता दिखाये, इस प्रक्रिया में सबसे अधिक और सबसे पहले फायदा तो आपको ही हो...दूसरों को हो या ना हो , इससे आपको कोई परवाह नहीं होनी चाहिये...
आपको फायदा मिलने मे कहीं दूसरों को फायदा न हो जाये , अगर ऐसी सोच है तो तब जीना ही मुहाल होगा...

*सोचना ही बड़ी बात है , इससे बड़ी बात तो सही बात , सही तरीकों से सोचना है ।*

*ऐसी ही बेमिसाल सोच का ओडियो आपके लिये लाया हूँ।*

*👉🏻अगर आपने इस आडियोको पूरा सुन लिया तो आपकी सोच और में बहुत बड़ा बदलाव  होगा जो आपको बहुत फायदा देगा...*

👉🏻वैसे भी कुछ न कुछ तो आपको सोचना ही पड़ेगा... इसलिये इस ओडियो को ध्यान से सुनें👍और मुझे भी अवगत करायें.।

ओडियो लिंक:-

SOCHNA TO PADEGA

https://drive.google.com/file/d/0BwjldfRpkWseZ3BtWWpTTUFSbkE/view?usp=drivesdk

 👉🏻सुनना या न सुनना आपका ही फैसला है।। सुनने से बहुत  फायदा आपको ही होना है, न सुनने से इस कमाल की जानकारी को नजरअंदाज करने से नुकसान भी आपका ही होना है। सो सोच समझकर फैसला करना है 

मंगलकामनाओं  के साथ....
रवीन्द्र भट्ट....

Jan 17, 2018

क्या है Passive Income ?

Good morning Friends...

*हम सभी तीन बातों के साथ जीते हैं-*
👉🏻Need.. जरुरत
👉🏻Desire... ईच्छायें
👉🏻Dreams....सपने

*ये सब रूपये आदि से ही पाये जाते है ं ,इसलिए कमाई करना मजबूरी है. हालांकि रूपये, धन दौलत सब इंसान के लिये ही बनाये गये है पर हकीकत मैं हम ही इन सबके लिये अपना सबसे लंबा वक्त देते हैं.*

*👉🏻यह भयानक है, भेड़चाल, गलत शिक्षा पद्धति का रिजल्ट है, जबकि होना ये चाहिए था कि हम Passive Income के ज़रिये कमाएं पैसे!*

👉🏻आपका money making mindset कैसा है ?
👉🏻Money Making Mindset से मेरा मतलब आपकी पैसा कमाने की सोच से है .

Ok, just a moment…
👉🏻आगे बढ़ने से पहले मैं चाहता हूँ कि आप इस point पर थोडा सा सोचें …
👉🏻आप सोचें कि life में आप किस तरह से cash inflow देखना चाहते हैं …, I mean आपकी कमाई का मुख्य जरिया क्या होने वाला है …
👉🏻visualize कि आप future में किस तरह से पैसा कमा रहे हैं .

*क्या सोचा आपने ?*

👉🏻I bet maximum लोगों ने Job या Business के through पैसा कमाने का सोचा होगा , हो सकता है कुछ smart लोगों ने दोनों तरीकों से पैसा कमाने के बारे में सोचा हो …like…job तो करेंगे ही और network marketing से भी अच्छा पैसा कमाएंगे …
good, I sincerely appreciate this approach.

*आपने जो भी सोचा हो पर हर किसी की सोच में probably एक चीज common रही होगी …*
👉🏻” मुझे पैसा कमाने के लिए कुछ काम करना होगा।”

👉🏻पर आज मैं आपसे एक नए approach के बारे में बात करना चाहता हूँ …
*“बिना काम किये पैसा कमाना !”*

शायद सुनने में अजीब लग रहा हो पर क्यों न हम बिना काम किये पैसा कमाने के बारे में सोचें ..
*active income के mindset को बदल कर passive income के बारे में सोचें .*

*क्या है Passive Income ?*

👉🏻Passive income का मतलब है इस तरह की income जिसमे आपको actively involve नहीं होना पड़ता .
👉🏻For Ex. मकान या दुकान के किराए से आने वाली income....
👉🏻आपकी किसी copyrighted चीज की sales से होने वाली कमाई.....
👉🏻आपके bank deposit से मिलने वाला interest.....
👉🏻Shates से आने वाला dividend…
👉🏻आपके किसी business से आने वाली income जिसे आपके द्वारा appoint किया manager संभालता हो....
👉🏻Genuine Network Marketing Business  से मिलने वाली इनकम....

*👉🏻मैं passive income को एक ऐसी income के रूप में देखता हूँ जो आपको active रख सके . उन चीजों में active रख सके जिसमे आप active रहना चाहते हैं …*
👉🏻यानि आप सिर्फ तभी काम करें और वही काम करें जो सच में करना चाहते हैं...
👉🏻अपने बच्चे  के annual function में जाना चाहते हैं तो जा सकें....,
👉🏻माता -पिता को तीर्थ पे ले जाना चाहते हैं तो ले जा सकें …. 👉🏻घर बैठ कर मैच देखना चाहते हैं तो देख सकें …
👉🏻आपको छुट्टी के लिए न अपने boss पर depend रहना पड़े न  customer की दया पर.....

*Passive income से मेरा मतलब हर महीने 4-5 हज़ार extra income से नहीं है , मैं इसे आपकी main income की तरह देखता हूँ … ये 40-50 हज़ार भी हो सकती है और 4-5 लाख भी और   40-50 लाख महीना भी, यह आप पर निर्भर करता है कि आप कितना चाहते हैं*

👉🏻लेकिन ये इतनी कम नहीं हो सकती कि आपको school function में जाने से , तीर्थ पे ले जाने से और match देखने से रोक सके .

*और मुझे लगता है कि आज ज्यादातर log जो एक financially abundant life जी रहे हैं उनकी एक important source of income passive या semi-passive ही है …. For example आजChetan Bhagat अपने novels की royalty से करोड़ों कमा रहे हैं …बड़े -बड़े movie stars की मेजर income उनकी acting fees से ना होकर उनके द्वारा तरह –तरह के businesses, hotels, restaurants में investment से होती है ।और उन्हें इन businesses को देखने भी नहीं जाना पड़ता …evenसचिन तेंदुलकर और कपिल देव के रेस्टोरेंट्स और होटल्स के बारे में तो आपने सुना ही होगा , और अगर हम बड़े -बड़े businessmen की भी बात करें तो उनके बहुत से businesses ऐसे होते हैं जिनमे वे actively involve नहीं होते , बल्की किसी CEO को appoint कर देते हैं और खुद कहीं और focus करते हैं .In fact अगर life में अधिक पैसा कमाना है तो passive income के बारे में ज़रूर सोचना चाहिए .*

*👉🏻कहाँ से लाएं Passive Income ?*

👉🏻Active कहाँ से ला रहे हैं ?

👉🏻Friends, आज आप active income इसलिए generate कर पा रहे हैं या कर पायेंगे क्योंकि आपने इस बारे में सोचा है , एक बार -दो बार नहीं सैकड़ों -हज़ारों बार …ये पढाई कर लें तो ऐसी जॉब मिलेगी , PO निकाल लें तो bank manager बन सकते हैं …internet cafe खोल दें तो अच्छा चल जायेगा …wholesaler बन जाएं तो काफी फायदा होगा …. इसमे कोई शक नहीं कि आज आप जो भी कर रहे हैं वो आपके पहले की सोच का परिणाम है …
👉🏻आज आप किसी job या business से पैसा इसलिए कमा रहे हैं क्योंकि आपने इसी तरीके से कमाने के बारे में सोचा था , और आपने ऐसा शायद इसलिए सोचा था क्योंकि हम बचपन से अपने माँ -बाप …नाते -रिश्तेदारों सभी को इसी तरह से ज़िन्दगी जीते देखते हैं …
👉🏻काम करो – पैसा कमाओ …काम करो – पैसा कमाओ …
👉🏻और हमारे दिमाग में कभी आता ही नहीं कि काम करो पैसा कमाओ और उस पैसे को ऐसे लगाओ कि वो इतना पैसा कमाए कि हमें मजबूरी में काम ना करना पड़े .….
👉🏻तो क्या अगर हमारे बाप-दादा साठ में रिटायर हुए…क्यों न हम इसके बारे में अभी से सोचें ; साठ की बजाये चालीस में ही रिटायर हो जाएं, और बाकी की ज़िन्दगी बिना पैसों की चिंता करते हुए जीयें!
👉🏻आज इस post को लिखने का मेरा यही मकसद है कि आप at least passive income के बारे में सोचना शुरू कीजिये , क्योंकि अगर आप सोचना शुरू करेंगे तो law of attraction आपके सामने ऐसे avenues और opportunities खड़ी कर देगा जहाँ से आप passive income generate कर पायेंगे …ऐसा करने के लिए ज़रूरी नहीं की हमारे पास करोड़ों रूपये का surplus हो, हम अपने छोटे -छोटे investments से भी इस दिशा में कदम बढ़ा  सकते हैं … मैंने भी इस बारे में बहुत देर में सोचना शुरू किया अगर 10 साल पहले सोचा होता तो शायद आज पैसिव इनकम ही मेरा major source of income होती …but any ways ..better late than never 🙂

👉🏻Friends अंत में मैं ये clear करना चाहूँगा कि passive income mindset develop करने के बारे में बता कर मैं आपको काम से भागने या उसे ना करने का idea नहीं देना चाहता , मैं बस आपको एक ऐसी स्थिति में पहुँचने के लिए inspire करना चाहता हूँ जहाँ आप बस वो करें जो करना चाहते हैं , और जब आप ऐसा करने में कामयाब हो जायेंगे तब आप अपने , अपने परिवार और इस समाज के लिए कहीं ज्यादा उपयोगी साबित हो पायेंगे .

*पैसिव इनकम  का सबसे आसान और साधन की  फ्री में जानकारी के लिये आप मुझसे संपर्क कर सकते है*
All the best. 🙂

Jan 14, 2018

Sharpen the Saw कुल्हाड़ी को तेज करें

*Sharpen the Saw कुल्हाड़ी को तेज करें*

*Sharpen the Saw का मतलब है अपने सबसे बड़ी सम्पत्ति यानि खुद को सुरक्षित रखना.*
इसका अर्थ है अपने लिए एक प्रोग्राम डिजाईन करना जो आपके जीवन के चार क्षेत्रों physical,
social/emotional, mental, and
spiritual में आपका नवीनीकरण करे.

नीचे ऐसी कुछ activities केexample दिए गए हैं:

*Physical / शारीरिक*:
अच्छा खाना, व्यायाम करना, आराम करना
*Social/Emotional*/:
सामजिक/भावनात्मक :औरों के ससाथ सामाजिक और अर्थपूर्ण सम्बन्ध बनाना.
*Mental / मानसिक*:
पढना-लिखना, सीखना , सीखना.

*Spiritual / आध्यात्मिक* :
प्रकृति के साथ समय बीताना , ध्यान करना, सेवा करना.

*आप जैसे -जैसे हर एक क्षेत्र में खुद को सुधारेंगे, आप अपने जीवन में प्रगति और बदलाव लायेंगे.Sharpen the Saw आपको fresh रखता है ताकि आप बाकी की six habits अच्छे से practice कर सकें. ऐसा करने से आप challenges face करने की अपनी क्षमता को बढ़ा लेते हैं.*

बिना ऐसा किये आपका शरीर कमजोर पड़ जाता है , मस्तिष्क बुद्धिरहित हो जाता है, भावनाए ठंडी पड़ जाती हैं,स्वाभाव असंवेदनशील हो जाता है,और इंसान स्वार्थी हो जाता है. और यह एक अच्छी तस्वीर नहीं है, क्यों?...

*आप अच्छा feel करें , ऐसा अपने आप नहीं होता. एक balanced life जीने काअर्थ है खुद कोrenew करने के लिए ज़रूरी वक़्त निकालना.ये सब आपके ऊपरहै .आप खुद को आराम करकेrenew कर सकते हैं. या हर काम अत्यधिक करके खुद को जला सकते हैं . आप खुद को mentallyऔर spiritually प्यार कर सकते हैं , या फिर अपने well-being से बेखबर यूँ ही अपनी ज़िन्दगी बिता सकते हैं.आप अपने अन्दर जीवंत उर्जा का अनुभव कर सकते हैं या फिर टाल-मटोल कर अच्छे स्वास्थ्य और व्यायाम के फायदों को खो सकते हैं.*

*आप खुद को पुनर्जीवित कर सकते हैं और एक नए दिन का स्वागत शांति और सद्भावके साथ कर सकते हैं.या फिर आप उदासी के साथ उठकर दिन को गुजरते देख सकतेहैं. बस इतना याद रखिये कि हर दिन आपको खुद को renew करने का एक नया अवसरदेता है, अवसर देता है खुद को recharge करने का.*

*👉🏻बस ज़रुरत है Desire (इच्छा),Knowledge( ज्ञान)और Skills(कौशल) की.*

*With best wishes...for Your Prosperous Life*
Ravindra bhatt

*ये कैसी जीवन यात्रा है?*

जरा इन बातों पर गौर करें....

*ये कैसी जीवन यात्रा है?*

*असफल होने  से  मेरा  मतलब  है  की  आप  वो  नहीं  कर  पाते  हैं  जो  आप  करना  चाहते  हैं .*
For e.g अपना  कोई  business start करना  चाहते  हैं , एक  prosperous Person,successful  actor, chef , choreographer, fashion designer, social activist  , या  
*फिर  कुछ  और  बनना  चाहते  हैं ; लेकिन बन नहीं पाते*

*और  आगे बढ़ने  से  मेरा  मतलब  है  आप  society की  नज़रों  में grow करते   जाते  हैं ….*
*आप  अच्छी  designation पर पहुँच  जाते  हैं , अपने  लिए  गाड़ी -बंगला  खरीद  लेते  हैं  और  ऐसी  ही अन्य*
*materialistic चीजें  जुटा  लेते  हैं*

*Friends, हममें से  बहुत  से  लोग  किसी  न  किसी  सपने  के  साथ  जीते  हैं  की  हम  आगे  चल  कर  कुछ  बड़ा  करेंगे , कुछ  महान  करेंगे...  पर  किसी  न  किसी  वजह  से  उन  dreams को  postpone करते  जाते  हैं...  और  life जिस  flow में  चल  रही  है  उसी  flow में  आगे  बढ़ते  चले  जाते  हैं ….*

हम  पढाई  पूरी  करते  हैं , किसी  नौकरी  या  business में  लग  जाते  हैं , चाहे  वो  हमारे  मन  का  हो  या  नहीं ….और  फिर  उसी  में  grow करने  लगते  हैं ….
पैसे  कमाने  लगते  हैं , और  जब पैसे  आते  हैं  तो  हम  उन्हें  सही  जगह  invest करने  के  बारे  में  सोचने  लगते  हैं ; as a result कुछ  ही  सालों  में  हमारे  पास  ऐशो  आराम  की  ढेर  सारी चीजें  हो  जाती  हैं . कुछ  हमने  down payment पे  ली  होती  हैं  तो  कुछ  EMI पर . ज़िन्दगी  यूँही  चलती  जाती  है  पर  जब  आप  थोडा  settle हो  जाते  हैं  तो  आप अपनी  life में  एक  void एक  खालीपन  महसूस  करने  लगते  हैं …
*सब  कुछ  होते  हुए  भी  आप  satisfy नहीं  हो  पाते  और  एक  बार  फिर  आपको  लगता  है  की  अपने  दिल  की  सुनी  जाये …अपने  सपनो  का पीछा किया  जाए ;….इतने  दिनों  तक  ignore करने  के  बाद  भी  वो  सपने  मरते  नहीं   क्योंकि  उसका  बीज  आपके  भीतर  ही  कहीं  होता  है , और जब उसे आपका attention मिलता है तो वो फिर से पनपने लगता है ! और आप  एक  बार  फिर  उन  सपनो  को  पूरा  करने  के  लिए  बेचैन हो जाते हैं …ideas  सोचते  हैं* ,

*प्लान  बनाते  हैं ..पर  in most of the cases ये  plans ये  ideas धरे  के धरे  रह  जाते  हैं...*

*क्या आप जानते हो इसका कारण? ऐसा क्यों हुआ और ज्यादातर लोगों के साथ ऐसा होता आ रहा है और ये होता रहेगा???*

*इसका केवल एक ही कारण है- लाइफ डेवलपमेंट कि जानकारी न होना!!!*

*असल मैं इस बारें मैं जानकारी का अभाव है और हर कोई गलती करने और समय हवा नें पर ही इस बारे मे  सोचना शुरू करते हैं और तब पर्याप्त समय होता भी नहीं है ..*

*बगैर समय गवायें इस बात पर गौर करें ....समय ही ऐसी चीज है जो पू री धन दौलत देने के बावजूद कोई भी इसे खरीद नहीं सकता है....*

आपका वेल विशर....
रवीन्द्र भट्ट....

Jan 9, 2018

जिंदगी की तीन सीखें!*

*जिंदगी की तीन सीखें!*

बहुत समय पहले की बात है, सुदूर दक्षिणमें किसी प्रतापी राजा का राज्य था. राजा के तीन पुत्र थे, एक दिन राजा केमन में आया कि पुत्रों को कुछ ऐसी शिक्षा दी जाये कि समयआने पर वो राज-काज सम्भाल सकें. इसी विचार के साथ राजा ने सभी पुत्रों को दरबारमें बुलाया और बोला, “पुत्रों, हमारे राज्यमें नाशपाती का कोई वृक्ष नहीं है, मैं चाहता हूँ तुमसब चार-चार महीने के अंतराल पर इस वृक्ष की तलाश में जाओ और पता लगाओ कि वो कैसा होता है ?” राजा की आज्ञा पा कर तीनो पुत्रबारी-बारी से गए और वापस लौट आये.

सभी पुत्रों के लौट आने पर राजाने पुनः सभी को दरबार मेंबुलाया और उस पेड़ के बारे में बताने को कहा।

पहला पुत्र बोला, “पिताजी वह पेड़तो बिलकुल टेढ़ा – मेढ़ा, और सूखा हुआ था.”

“नहीं-नहीं वो तो बिलकुल हरा–भरा था, लेकिन शायद उसमे कुछ कमी थी क्योंकि उसपर एक भी फल नहीं लगा था.”, दुसरे पुत्र नेपहले को बीच में ही रोकते हुए कहा.

फिर तीसरा पुत्र बोला, “भैया, लगता है आप भीकोई गलत पेड़ देख आये क्योंकि मैंने सचमुच नाशपाती का पेड़ देखा, वो बहुत हीशानदार था और फलों से लदा पड़ा था.”

और तीनो पुत्र अपनी-अपनी बात कोलेकर आपस में विवाद करने लगे कि तभी राजा अपने सिंघासन से उठे और बोले,

*“पुत्रों, तुम्हे आपस में बहस करने की कोई आवश्यकता नहीं है, दरअसल तुम तीनोही वृक्ष का सही वर्णन कर रहे हो. मैंने जानबूझ कर तुम्हेअलग-अलग मौसम में वृक्ष खोजने भेजा था और तुमने जो देखा वो उसमौसम के अनुसार था.*

*मैं चाहता हूँ कि इस अनुभव केआधार पर तुम तीन बातों को गाँठ बाँध लो :*

*पहली, किसी चीज के बारे में सही और पूर्ण जानकारी चाहिए तो तुम्हे उसे लम्बेसमय तक देखना-परखना चाहिए. फिर चाहे वो कोई ब्यवसाय, विषय, वस्तु हो या फिर कोई व्यक्ति ही क्यों न हो*

*दूसरी, हर मौसम एक सा नहीं होता, जिस प्रकार वृक्ष मौसम के अनुसारसूखता, हरा-भरा या फलों से लदा रहता है उसी प्रकार ब्यवसाय,मनुष्य के जीवन में भी उतार चढाव आते रहते हैं, अतः अगर तुम कभी भी बुरे दौर से गुजर रहे हो तो अपनी हिम्मत और धैर्य बनाये रखो, समय अवश्य बदलता है।*

*और तीसरी बात, अपनी बात को ही सही मान कर उस पर अड़े मत रहो, अपना दिमागखोलो, और दूसरों के विचारों को भी जानो। यह संसारज्ञान से भरा पड़ा है, चाह कर भी तुम अकेले सारा ज्ञान अर्जित नहीं कर सकते, इसलिए भ्रम कीस्थिति में किसी ज्ञानी व्यक्ति से सलाह लेने में संकोच मत करो।*

Dec 30, 2017

हमारी सीमाएं, हमारा दायरा..।।

*दोस्तों हम सभी का अपना अपना दायरा होता है, रिश्तेदारों, दोस्तों, जाब में सहकर्मियों, बिजनेस में प्रतिस्पर्धियों का , हम इनके बीच ही जीते हैं और ये दायरा हमारी सोच पर हावी होने लगता है।क्यों??*

सभी  का  अपना -अपना  friend circle होता  है , मौज – मस्ती  होती  है ..
exam की  tension होती  है … हम  बड़े  होते  हैं  और  फिर  ज़िन्दगी  की  so called race में  लग  जाते  हैं …..
ज्यादातर   लोग  conventional wisdom अपनाते  हुए , doctor ,engineer, सरकारी  नौकरी …etc के  चक्कर  में  लग जाते  हैं  और  देर -सबेर  इसमें  कामयाब  भी  हो  जाते  हैं .
अगर  सचमुच  आप  दिल  से  यही  करना  चाहते  थे तो  इसमें  कोई  बुराई  नहीं  है ….
दिल  की  सुनना  हमेशा ….singer , cricketer या  actor बनना ही नहीं  होता ….ये  Engineer, doctor बन  कर  देश  की  सेवा  करना  भी  हो  सकता  है . 
और  एक  दूसरे  case में  भी  यह  करना  सही  है – जब  आप  clear नहीं  होते  की  आप  दरअसल  life में  करना  क्या  चाहते  हैं,  तो  भी  आप  यही  रास्ता  चुन सकते हैं  ..
इसमें  कम  से  कम  आप  financially secure रहेंगे , जो  कि  बेहद  ज़रूरी  है .

Challenge तब  आता  है  जब  आप  अपने  life goals को  लेकर  clear होते  हैं , और  अपने  रास्ते  पर  निकल  पड़ते  हैं .  और  ऐसा  life की  किसी  भी stage में    हो  सकता  है , पहले  हो  जाता  है  तो  ठीक  है , पर  अधिकतर  ये  clarity थोड़ी  देर  से  आती  है  इसलिए  जब  आप  इस  दिशा  में  बढ़ते  हैं  तो  आप  पाते  हैं  कि  अभी  आपने  शुरुआत  भर  की  है  और  आपके  बाकी  दोस्त  conventional path follow करते  हुए  एक  well- settled life ( society की  नज़र  में ) की  तरफ  बढ़  चुके  हैं . 
*यहाँ  आपको  थोड़ी  उलझन  हो  सकती  है , आपके  मन  में  doubt आ  सकता  है  कि  आप  ही  की  उम्र  के  लोग  इतने  पैसे  कमा  रहे  हैं  और  आप  अभी  struggle ही  कर  रहे हैं …..ऐसा  लग  सकता  है  कि  आप  कहीं  गलती  तो  नहीं  कर  रहे  हैं , और  यहीं  पर  आपको  डंटे  रहना  है .*

*अपने  काम  में  believe करिए , इन  distractions की  life बहुत  छोटी  होती  है , अगर  आप  सचमुच  अपने  काम  को  लेकर  passionate हैं  तो  आप  जल्द  ही  इनसे  पार  पा  लेंगे .*
जब  अमिताभ  बच्चन  को  27-28 साल  की  उम्र  में  पहली  बार   फिल्मो में  ब्रेक  मिला  था  तो  उस  वक़्त  तक  उनके  भी  बहुत  सारे  classmates अच्छी  नौकरियों  में   settle हो  चुके थे , ऐसे  में उनके  भी  अन्दर  सवाल  उठे  होंगे , पर  उन्होंने  उन  distractions को  खुद  पर  हावी  नहीं  होने  दिया  और  इतने  महान  अभिनेता  बने .

*आप  भी  औरों   के  आगे  निकलने  से  परेशान  मत  होइए , ….लम्बी  race के  घोड़े  शुरू  में  धीमे-धीमे  ही  दौड़ते  हैं .*
आपका शुभाकाक्षीं ...
रवीन्द्र भट्ट

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